Knews Desk- DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) रद्द करने और EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान बहाल करने की मांग की गई। पार्टी चुनावी अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपेगी।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने शनिवार, 17 अक्टूबर को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में हुई बैठक में चार प्रस्ताव पारित किए। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने की। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पूरी तरह रद्द करने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से मतदान बहाल करने की मांग उठाई गई।
पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के कारण वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। DMK ने विशेष रूप से बिहार का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के आचरण की जांच कराने की भी मांग की।
बैठक में पारित प्रस्तावों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने, छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने, कांग्रेस और विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के कथित दोहरे मापदंडों की निंदा करने और चुनावी अनियमितताओं को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की मांग शामिल है। DMK ने फैसला किया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं और सुधारों की मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पार्टी ने SIR को पूरी तरह वापस लेने और बैलेट पेपर से मतदान व्यवस्था बहाल करने पर जोर दिया।
बैठक के बाद सांसद कनिमोझी ने कहा कि CJP नेताओं की गिरफ्तारी के समय भी उनकी पार्टी ने समर्थन दिया था। उन्होंने बताया कि वह चेन्नई में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं, ताकि प्रदर्शनकारियों को यह संदेश दे सकें कि उनकी पार्टी उनके साथ खड़ी है। DMK के इन प्रस्तावों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची संशोधन और मतदान प्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।