Knews Desk– इजराइल और हमास के बीच संघर्ष से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। इजराइली सेना (IDF) ने हमास के पूर्व प्रमुख याह्या सिनवार के 10 वर्षीय बेटे इब्राहिम की एक चिट्ठी सार्वजनिक की है। सेना के अनुसार, यह चिट्ठी युद्ध शुरू होने के समय लिखी गई थी। इसमें बच्चा अपने पिता के प्रति भावनाएं व्यक्त करता है, उनसे वापस लौटने की इच्छा जताता है और यहूदियों को गोली मारने की बात लिखता है। इस चिट्ठी को सिनवार की मौत के दो साल पूरे होने के मौके पर जारी किया गया है।
चिट्ठी में इब्राहिम अपने पिता को याद करते हुए कहता है कि उसे उनकी कमी महसूस होती है। वह चाहता है कि उसके पिता वापस आएं, उसे गले लगाएं और उसके साथ रहें। इसके साथ ही वह अपने पिता को जीतते हुए देखने और ‘अल्लाहु अकबर’ कहने की इच्छा भी जाहिर करता है। इजराइली सेना की ओर से जारी अनुवाद के मुताबिक, बच्चा कलाश्निकोव राइफल से यहूदियों को गोली मारने की बात भी लिखता है।चिट्ठी में इब्राहिम यह भी बताता है कि वह कागज और गत्ते से पिस्तौल, टैंक और कलाश्निकोव जैसे हथियारों की आकृतियां बनाता रहता है। कलाश्निकोव एक प्रकार की असॉल्ट राइफल है। इजराइली सेना ने इस चिट्ठी के साथ कुछ चित्र भी जारी किए हैं, जिन्हें इब्राहिम का बताया गया है। इन चित्रों में हथियार, गाजा और इजराइल के बीच सीमा पर लगी बाड़ के पास टैंक और इजराइल की दिशा में जाती मिसाइलें दिखाई गई हैं।
चिट्ठी का एक दूसरा पहलू भी है, जिसमें बच्चा अपने पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करता है। वह उनसे पूछता है कि वे कब लौटेंगे और उसे अपनी बांहों में लेकर सुलाएंगे। आखिर में वह दुआ करता है कि युद्ध समाप्त हो जाए और उसके पिता सुरक्षित रहें। चिट्ठी में वह अपने पिता की सलामती के लिए प्रार्थना करता है और उनसे अपने लिए दुआ करने की अपील भी करता है।इजराइली सेना के मुताबिक, ये दस्तावेज वर्ष 2024 में गाजा पट्टी में चलाए गए सैन्य अभियान के दौरान सैनिकों को मिले थे। IDF ने इन्हें अपने आधिकारिक माध्यमों से सार्वजनिक किया है। सेना का दावा है कि यह सामग्री हमास की विचारधारा के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाती है। हालांकि, चिट्ठी और चित्रों के संबंध में सामने आई जानकारी इजराइली सेना की ओर से जारी विवरण पर आधारित है।
याह्या सिनवार गाजा में हमास का प्रमुख था और वर्ष 2024 में संगठन का शीर्ष नेता बना था। इजराइल उसे 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमलों का प्रमुख योजनाकार मानता था। अक्टूबर 2024 में इजराइली सेना ने उसे मार दिया था। इन हमलों के बाद गाजा में बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू हुआ, जिसके दौरान क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों और बच्चों को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण बच्चों को हिंसा, विस्थापन और परिवारों से बिछड़ने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। ऐसे हालात में सामने आई यह चिट्ठी युद्ध के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव और संघर्ष के बीच पनपने वाली नफरत को लेकर नई चर्चा का विषय बन गई है।