Knews Desk प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सतीश चंद्र श्रीवास्तव और देवेंद्र नाथ मिश्रा के बीच नजूल की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार को विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान देवेंद्र नाथ मिश्रा ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से सतीश श्रीवास्तव पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सतीश चंद्र श्रीवास्तव वकालत करने के साथ ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में लैब अटेंडेंट के तौर पर भी काम करते थे। उनकी हत्या की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। घटना के बाद मृतक के परिजन और साथी अधिवक्ता अस्पताल पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस घटना में देवेंद्र नाथ मिश्रा के भी गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, संघर्ष के दौरान उन पर चापड़ से हमला किया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस तरह जमीन के विवाद ने दोनों पक्षों के बीच हिंसक रूप ले लिया और एक अधिवक्ता की जान चली गई।घटना को लेकर मृतक के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश श्रीवास्तव की पत्नी वर्षा श्रीवास्तव की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत में देवेंद्र नाथ मिश्रा, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और वारदात के पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता और मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे। सतीश श्रीवास्तव की मौत से नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। स्थिति को शांत कराने के लिए पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।पुलिस के मुताबिक, मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने के लिए विवादित संपत्ति के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इसके अलावा, अन्य आरोपियों की तलाश और उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, प्रयागराज में हुई इस वारदात ने जमीन विवादों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक विवादित संपत्ति को लेकर शुरू हुआ झगड़ा जानलेवा हिंसा में बदल गया। सतीश चंद्र श्रीवास्तव की मौत के बाद उनका परिवार न्याय की मांग कर रहा है। अब इस मामले में पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।