KNEWS DESK– दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2002 में दिल्ली में SIR हुआ था, तब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विरोध क्यों नहीं किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को परेशानी केवल वहीं होती है, जहां उसे सत्ता नहीं मिलती।
रेखा गुप्ता ने कहा कि तमिलनाडु और केरल में कांग्रेस की सरकार होने पर सब ठीक रहता है, लेकिन जहां राजनीतिक परिस्थितियां उसके अनुकूल नहीं होतीं, वहां विरोध शुरू हो जाता है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे आम जनता, व्यापारियों और कारोबारियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने हालिया प्रदर्शनों से हजारों करोड़ रुपये के नुकसान का दावा भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल मौजूद हैं, ऐसे में जंतर-मंतर पर ही धरना देने की जिद क्यों की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदर्शनकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी बात रखें या निर्धारित धरना स्थल पर जाकर विरोध करें।
रेखा गुप्ता ने CJP पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP आम आदमी पार्टी की ‘बी-टीम’ के तौर पर काम कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि पार्टी पंजाब में जाकर प्रदर्शन क्यों नहीं करती, जहां उन्होंने लगातार हत्याएं होने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जनता के मुद्दों के बजाय सत्ता हासिल करने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस की राजनीतिक नीतियों और राहुल गांधी पर भी रेखा गुप्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में गांधी परिवार को सर्वोच्च पदों पर बनाए रखने की सोच हावी है। इसके अलावा, उन्होंने पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं तथा सेना पर सवाल उठाने को लेकर भी विपक्ष को घेरा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
इधर, दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर प्रदर्शन स्थलों की सूची से रामलीला मैदान का नाम हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन होने से आसपास के कारोबार पर असर पड़ सकता है। यहां कमला मार्केट समेत कई प्रमुख बाजार स्थित हैं।