भरतपुर में खनन और क्रेशर संचालन से जुड़े विवाद के बीच पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने दावा किया कि भड़ाना ने हत्या से पहले सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग की है।
Knews Desk– राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंडा गांव में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। खनन की लीज और क्रेशर संचालन को लेकर पिछले दो वर्षों से विवाद चल रहा था। इसी बीच भड़ाना की उनके कार्यस्थल पर हत्या कर दी गई। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे और पूर्व विधायक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अतर सिंह भड़ाना अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार सरकार, मुख्य सचिव और डीजीपी से गुहार लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
गुंजल ने हत्याकांड में आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि जब एक वरिष्ठ नेता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकी, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर क्या उम्मीद की जा सकती है। कांग्रेस नेता ने इस घटना को कानून-व्यवस्था और जनता के भरोसे से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
अतर सिंह भड़ाना वर्ष 2003 से 2008 तक भाजपा सरकार के दौरान बयाना से विधायक रहे थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। हत्या के बाद उनके शव को जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया। पोस्टमार्टम के दौरान उनके बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा के मुताबिक, जब पूर्व विधायक को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव लेकर फरीदाबाद के पास स्थित उनके पैतृक गांव पाली के लिए रवाना हो गए।
मामले की जांच के बीच डीजीपी राजीव शर्मा ने रेंज आईजी से घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। एसपी राजेश मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैर थाने के एसएचओ से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। रेंज आईजी को घटनास्थल पर पहुंचकर उसी दिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इस घटना के बाद राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।