राजस्थान के सीकर में दर्ज 23 मामलों में वांछित कल्याण सिंह को जयपुर रेंज पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। बीएड और अन्य शैक्षणिक डिग्रियां दिलाने के नाम पर कथित ठगी के आरोपी ने करीब 18 साल तक फरारी काटी और इस दौरान 17 राज्यों में अपने ठिकाने बदले। आखिरकार पुलिस ने इंटरनेट सेवा प्रदाता के फाइबर तकनीशियन का भेष धारण कर उसे पकड़ लिया।
Knews Desk– राजस्थान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 56 वर्षीय कल्याण सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के बोरटा गांव का निवासी है। जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश के मुताबिक, कल्याण सिंह के खिलाफ सीकर के कोतवाली थाने में 23 मामले दर्ज हैं। उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था और उसकी गिरफ्तारी पर 35 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था।
पुलिस के अनुसार, कल्याण सिंह पर विद्यार्थियों को बीएड और अन्य शैक्षणिक डिग्रियां दिलाने का भरोसा देकर पैसे लेने का आरोप है। इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए वह फरार हो गया था। इसके बाद उसने अपनी पहचान और ठिकाने बदलते हुए लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की।
जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान आरोपी ने अलीगढ़, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद, दिल्ली और दक्षिण भारत के विभिन्न इलाकों में समय बिताया। वह अलग-अलग शहरों में रहकर निजी कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ाता था और इसी से अपना खर्च चलाता था। पुलिस के मुताबिक, उसने करीब 18 साल तक फरारी के दौरान 17 राज्यों में ठिकाने बदले और सामान्य जीवन जीता रहा।
वर्ष 2016 में कल्याण सिंह ने देहरादून में एक मकान खरीद लिया था। इसके बाद वह प्रेमनगर इलाके में रहने लगा। जयपुर रेंज की साइबर सेल और सीकर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस को उसके देहरादून में छिपे होने का सुराग मिला। इसके बाद टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और प्रेमनगर के राघव विहार स्थित सी-107 मकान तक पहुंच गई।
पुलिस जब आरोपी के ठिकाने पर पहुंची तो घर के बाहर लगी नेमप्लेट पर ‘डीन’ लिखा हुआ था। टीम को यह भी पता चला कि आसपास के मकानों में एयरटेल फाइबर इंटरनेट कनेक्शन लगे हुए हैं। आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि करने और बिना संदेह पैदा किए घर तक पहुंचने के लिए पुलिस ने फाइबर तकनीशियन बनकर जाने की रणनीति तैयार की।
10 अक्टूबर को पुलिसकर्मी एयरटेल फाइबर तकनीशियन के भेष में आरोपी के घर पहुंचे। घर के भीतर कल्याण सिंह की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद टीम ने दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को राजस्थान के सीकर लाया गया।
पुलिस अब कल्याण सिंह के खिलाफ दर्ज 23 मामलों की जांच आगे बढ़ा रही है। करीब 18 साल तक गिरफ्तारी से बचने वाले और 35 हजार रुपये के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।