नाना पाटेकर की मौत के मामले में गोवा पुलिस ने BNSS की धारा 194 के तहत मेडिको-लीगल अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है। पुलिस मौत की परिस्थितियों और सटीक कारण की पुष्टि के लिए जांच कर रही है।
Knews Desk – दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के मामले में गोवा पुलिस ने मेडिको-लीगल अप्राकृतिक मृत्यु (अननैचुरल डेथ) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच PSI नितिन नाइक कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है। हालांकि, मौत की परिस्थितियों और सटीक कारण की पुष्टि के लिए पुलिस कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
जांच के तहत पुलिस ने पंचनामा और अन्य जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की हैं। नाना पाटेकर के शव का गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) में पोस्टमॉर्टम कराया गया। अब परिवार के सदस्यों और घटना से संबंधित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जाने की बात कही गई है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पंचनामा और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 संदिग्ध, अप्राकृतिक या अन्य निर्धारित परिस्थितियों में हुई मौत की जांच और पुलिस की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया से संबंधित है। यह प्रावधान पुराने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 174 के अनुरूप है। इसके तहत पुलिस मौत की परिस्थितियों की पड़ताल करती है और जरूरत के मुताबिक शव को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजती है।
यदि जांच में मौत प्राकृतिक पाई जाती है और कोई संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आती, तो नियमानुसार मामला बंद किया जा सकता है। वहीं, यदि जांच के दौरान किसी गड़बड़ी या अपराध से जुड़े संकेत मिलते हैं, तो पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल, अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज होना अपने आप में किसी अपराध या साजिश का प्रमाण नहीं है। मौत के सटीक कारण और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा।