Knews Desk– संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्य अनुज चौधरी करीब तीन महीने बाद बरसाना में मिल गए। पुलिस ने पहचान के बाद उन्हें परिवार के सुपुर्द कर दिया। वहीं, संत प्रेमानंद के एक अन्य शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मृत्यु का मामला भी अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है।
हाथरस जिले के सादाबाद थाना क्षेत्र के बारामनी निवासी अनुज चौधरी ने 26 जून को संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी। इसके बाद वह घर लौट आए थे। तीन जुलाई को संत प्रेमानंद के आश्रम जाने की बात कहकर घर से निकले, लेकिन फिर वापस नहीं लौटे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे।
परिजन कई बार संत प्रेमानंद के आश्रम केलिकुंज भी पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शुक्रवार को परिजनों ने आश्रम के बाहर करीब आठ घंटे तक धरना दिया। शनिवार को अनुज बरसाना स्थित लाडली दास महाराज के आश्रम में मिले। परिजनों द्वारा प्रसारित फोटो के आधार पर उनकी पहचान की गई और उन्हें सादाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार, अनुज ने बताया कि वह घर से वाराणसी चले गए थे और चार दिन पहले बरसाना पहुंचे थे। परिजनों को भी बुलाया गया था।
इधर, संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मृत्यु का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रह्लादकृष्ण शुक्ला ने पीआइएल दाखिल कर मामले की एसआईटी और मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कमरे से बरामद सामग्री और सीसीटीवी फुटेज की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई है।