KNEWS DESK- वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। शुरुआत में उनकी मौत चौथी मंजिल से गिरने के कारण बताई गई थी। बाद में पुलिस ने आत्महत्या के एंगल से भी जांच शुरू की। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई गंभीर चोटों के बाद मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।
दीपक लोधी मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो वर्ष पहले वह वृंदावन आए थे और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद रसिक दुलारी शरण नाम से साधु जीवन जी रहे थे। परिवार के अनुसार, दीक्षा के बाद उनका संपर्क काफी सीमित हो गया था और उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया जाता था।
घटना 25 सितंबर की सुबह वृंदावन के वराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट में हुई। पुलिस जांच में सामने आए CCTV के मुताबिक, सुबह करीब 10:25 बजे रसिक दुलारी अपने कमरे से बाहर निकले। रिपोर्टों के अनुसार, उनके कपड़ों पर खून के निशान थे। इसके बाद वह चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे और करीब 10:36 बजे नीचे गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। जांच के दौरान कमरे से इलेक्ट्रिक ग्राइंडर/कटिंग मशीन मिलने की बात सामने आई है। उस पर खून के निशान होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने ग्राइंडर, मोबाइल फोन, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है।
26 सितंबर को हुए पोस्टमार्टम में सिर पर 14 टांकों वाला घाव, खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर और अंदर हेमेटोमा पाया गया। बाईं ओर की 5वीं से 8वीं पसली में फ्रैक्चर, बाएं फेफड़े में चोट, छाती में ताजा और जमा हुआ खून, चेहरे और ठुड्डी पर चोट तथा पैर में फ्रैक्चर का जिक्र है। जननांग क्षेत्र में भी गंभीर चोट दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘Death due to haemorrhagic shock as a result of ante mortem injury’ बताया गया है। यानी मृत्यु से पहले लगी चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और हेमरेजिक शॉक की वजह से मौत हुई।
पुलिस अब CCTV, मोबाइल, फोरेंसिक साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों की जांच कर रही है। परिवार ने निष्पक्ष जांच और CBI जांच की मांग की है, जबकि संत समाज की ओर से भी SIT या उच्चस्तरीय जांच की मांग सामने आई है।