Knews Desk– बजाज फाइनेंस के शेयर पिछले कुछ समय से बाजार में दबाव में हैं। बीते एक महीने में कंपनी के शेयर करीब 10 फीसदी तक टूट चुके हैं। इसी बीच 1 अक्टूबर को बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हालांकि, इसके लिए अब एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग यानी EGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
कंपनी QIP के जरिए 11,700 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके तहत 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB को जारी किए जाएंगे। इस पूंजी का इस्तेमाल कंपनी के कैपिटल बेस को मजबूत करने की दिशा में किया जाएगा।इसके साथ ही बजाज फाइनेंस ने अपनी प्रमोटर कंपनी बजाज फिनसर्व को 5,800 करोड़ रुपये के वारंट जारी करने की मंजूरी दी है। बजाज फिनसर्व की बजाज फाइनेंस में फिलहाल 51.30 फीसदी हिस्सेदारी है। नियमों के मुताबिक, वारंट अलॉटमेंट के समय बजाज फिनसर्व को कुल रकम का 25 फीसदी भुगतान करना होगा। बाकी 75 फीसदी रकम वारंट को इक्विटी शेयरों में बदलने के समय देनी होगी।फिनसर्व के पास इन वारंट को इक्विटी शेयरों में बदलने के लिए 18 महीने का समय होगा। अगर तय समय के भीतर वारंट को शेयरों में कन्वर्ट नहीं किया गया, तो कंपनी की ओर से पहले से चुकाई गई रकम जब्त हो जाएगी। वारंट अलॉटमेंट की प्रक्रिया शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर पूरी होने की उम्मीद है।
इस फंड रेजिंग का असर मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी पर भी पड़ सकता है। QIP के जरिए नए शेयर जारी होने से कंपनी के कुल शेयरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हो सकता है। इसे इक्विटी डाइल्यूशन कहा जाता है। हालांकि, इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी नई पूंजी का इस्तेमाल किस तरह करती है और उससे कारोबार व मुनाफे में कितना फायदा होता है।शेयर बाजार में बजाज फाइनेंस का प्रदर्शन भी चर्चा में है। 1 अक्टूबर को BSE पर कंपनी का शेयर 1.24 फीसदी गिरकर 949.35 रुपये पर बंद हुआ था। अगस्त 2026 में शेयर ने 1,177.60 रुपये का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ था। वहीं बजाज फिनसर्व का शेयर भी पिछले सेशन में मामूली गिरावट के साथ 1,729.90 रुपये पर बंद हुआ था और एक महीने में करीब 12 फीसदी नीचे आ चुका है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कारण शेयर बाजार बंद रहा।कंपनी के कारोबार की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2026 में बजाज फाइनेंस का टर्नओवर 69,850.79 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्तीय वर्ष 2025 में यह 59,379.74 करोड़ रुपये था। ऐसे में कंपनी की ओर से जुटाई जा रही 17,500 करोड़ रुपये की पूंजी को उसके आगे के कारोबार और कैपिटल बेस के संदर्भ में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।