KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में खुदागंज के सूथा गांव स्थित एक मंदिर परिसर में दो सेवादारों की हत्या कर उनके शव जला दिए गए। गुरुवार सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अजीजगंज निवासी गोपाल दास कई वर्षों से सूथा गांव स्थित मंदिर में सेवादार थे। वहीं, गांव के दूसरे मंदिर में रहने वाले बाबा बिहारी दास भी करीब एक महीने से गोपाल दास के साथ इसी मंदिर परिसर में रह रहे थे।
बताया गया कि गांव के ही सुमित सिंह का दोनों सेवादारों के पास आना-जाना था। सुमित करीब एक महीने पहले ही जेल से बाहर आया था और मंदिर में ही रहना चाहता था। इसी बात को लेकर उसके और सेवादारों के बीच कई बार विवाद होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि घटना वाली रात भी मंदिर पर कब्जे को लेकर उनके बीच कहासुनी हुई थी।
घटना के बाद से सुमित फरार है। ग्रामीणों के अनुसार, वह आपराधिक और नशे की प्रवृत्ति का है, जिसके कारण लोग उससे दूरी बनाकर रखते थे। जब उसके स्वजन ने उसकी जमानत कराई थी, तब भी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि मामले में गांव के ही सुमित का नाम सामने आया है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। पुलिस घटना के कारणों और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।