आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जुए की लत ने एक युवक को कर्ज में डुबो दिया। कर्ज चुकाने के लिए उसने घर का सामान बेचा और अपनी एक किडनी तक बेच दी। इसके बाद भी कर्ज खत्म नहीं हुआ तो उसने चोरी का रास्ता अपनाया और एक गिरोह खड़ा कर उसका मास्टरमाइंड बन गया।
Knews Desk– आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के मंगलागिरी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां वेन्ना दुर्गा दिनेश उर्फ सिंगल किडनी साईं नाम का युवक ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की लत के चलते लाखों रुपये गंवा बैठा। जुए के लिए उसने कर्ज लिया था। जब कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ा तो पहले उसने घर का सामान बेच दिया और बाद में अपनी एक किडनी भी बेच दी।
पुलिस के मुताबिक, किडनी बेचने के बाद भी उसका पूरा कर्ज नहीं उतर पाया। इसके बाद उसने चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने चोरी करने वाले लोगों का एक गिरोह बना लिया और खुद उसका मास्टरमाइंड बन गया। सट्टेबाजी की दुनिया में वह ‘सिंगल किडनी साई’ के नाम से जाना जाता है।
पुलिस के अनुसार, सिंगल किडनी साईं के खिलाफ अकेले गुंटूर जिले में चोरी के 12 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में वह कई बार जेल भी जा चुका है। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात एडलापाडु निवासी गुंजी येसुराजा से हुई। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर चोरी की वारदातें शुरू कर दीं।
पुलिस के मुताबिक, हाल के दिनों में दोनों ने नादेंडला मंडल के गणपवरम में दो घरों और चिलाकलुरिपेट में एक घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
शिकायत के बाद खुला गिरोह का राज
एडलापाडु निवासी बाचू पार्वती नागलक्ष्मी ने चोरी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने गुंजी येसुराजा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पुलिस को सिंगल किडनी साईं के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सिंगल किडनी साईं और उसके एक अन्य साथी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि सिंगल किडनी साईं ही इस चोरी के गिरोह का मास्टरमाइंड था।