Knews Desk- आर्चरी में भारत के लिए यह तीसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले भारतीय खिलाड़ियों ने महिला कंपाउंड टीम इवेंट और मिक्स्ड कंपाउंड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीते थे। मेंस कंपाउंड टीम की इस जीत के साथ भारत ने आर्चरी में गोल्ड की हैट्रिक पूरी कर ली।फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। चीन के तीरंदाजों ने शुरुआती दौर में बढ़त बना ली थी। ऐसे समय में भारतीय तिकड़ी पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम ने धैर्य बनाए रखा और मुकाबले में वापसी की।भारत ने पहले राउंड में दो 9 के साथ शुरुआत की। इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने अपने निशानों पर पकड़ मजबूत की और स्कोर में सुधार करते हुए चीन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, दोनों टीमों के बीच अंतर बेहद कम होता गया।
भारतीय तीरंदाजों ने निर्णायक पलों में शानदार निशाने लगाए। चीन की टीम के खिलाफ मुकाबला बेहद करीबी रहा और आखिरकार भारत ने 238-237 के अंतर से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।साहिल जाधव, कुशल दलाल और तिरुमुरु गणेश मणि रत्नम की इस तिकड़ी ने पूरे मुकाबले में बेहतरीन तालमेल दिखाया। शुरुआती बढ़त गंवाने के बावजूद भारतीय टीम ने जिस तरह वापसी की, उसने फाइनल को बेहद रोमांचक बना दिया।एशियन गेम्स में आर्चरी भारत के लिए लगातार पदक जीतने वाला खेल बनकर सामने आया है। महिला कंपाउंड टीम इवेंट में गोल्ड और इसके बाद मिक्स्ड कंपाउंड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब पुरुष कंपाउंड टीम ने भी देश के लिए गोल्ड हासिल किया है।
इस जीत के साथ भारत ने आर्चरी में अपना दबदबा और मजबूत किया है। खास बात यह रही कि पुरुष टीम को फाइनल में चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मुकाबला करना पड़ा और भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम की इस उपलब्धि से भारतीय खेल जगत में खुशी की लहर है। टीम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुकाबला आखिरी समय तक बेहद करीबी रहा और भारतीय तीरंदाजों ने निर्णायक पलों में अपना संयम बनाए रखा।इस तरह 20वें एशियन गेम्स में भारत ने आर्चरी में गोल्ड की हैट्रिक पूरी कर ली है। महिला टीम, मिक्स्ड टीम और अब पुरुष कंपाउंड टीम की स्वर्णिम जीत ने भारतीय तीरंदाजी के शानदार प्रदर्शन को एक और बड़ी उपलब्धि के साथ दर्ज कर दिया है।