Knews Desk– रिपोर्टों के मुताबिक, इस छह सदस्यीय समूह में ईरान की कार्यपालिका, संसद, न्यायपालिका और सुरक्षा तंत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। यूरोन्यूज फारसी ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए मसूद पेजेश्कियान, संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के तौर पर नियुक्ति पा चुके محسن रेजाई, सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कमांडर अली अब्दुल्लाही और आईआरजीसी कमांडर अहमद वाहिदी के नामों का उल्लेख किया है। हालांकि, इस पूरी संरचना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।मसूद पेजेश्कियान ने अपने इंटरव्यू में बताया कि यह टीम विभिन्न संगठनों, सुरक्षा बलों, संसद और सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मिलकर बनी है। उनके मुताबिक, टीम बातचीत और सलाह-मशवरे के बाद फैसले लेती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह व्यवस्था देश में समन्वय के साथ काम कर रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान में युद्ध और अमेरिका के साथ बातचीत जैसे संवेदनशील मुद्दों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है।
इस चर्चा के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की भूमिका भी सवालों के केंद्र में है। पेजेश्कियान ने कहा कि मुज्तबा खामेनेई के साथ महत्वपूर्ण मामलों पर समन्वय होता है। उन्होंने अमेरिकी मीडिया को यह भी बताया कि मुज्तबा खामेनेई स्वस्थ हैं और उनसे बातचीत हुई है। हालांकि, उनकी सार्वजनिक गैरमौजूदगी के कारण ईरान की सत्ता संरचना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।छह सदस्यीय टीम में बताए जा रहे लोगों की भूमिकाएं अलग-अलग हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सरकार और कार्यपालिका का नेतृत्व करते हैं। मोहम्मद बाघेर गालिबफ संसद के स्पीकर हैं, जबकि गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई न्यायपालिका के प्रमुख हैं। सुरक्षा ढांचे में अहमद वाहिदी और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पद पर محسن रेजाई की मौजूदगी इस समूह में सुरक्षा और विदेश नीति के पहलू को महत्वपूर्ण बनाती है।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में भी इस टीम की भूमिका की चर्चा इसलिए अहम है क्योंकि दोनों देशों के बीच युद्ध और कूटनीतिक तनाव जारी है। हाल में कतर की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और आगे की बातचीत को लेकर प्रस्ताव रखा है, जबकि अमेरिका की ओर से अलग शर्तों पर चर्चा की बात सामने आई है।पेजेश्कियान ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान में महत्वपूर्ण निर्णय समन्वय के जरिए लिए जाते हैं। इसलिए छह सदस्यीय टीम की चर्चा को ईरान की मौजूदा निर्णय प्रक्रिया को समझने के एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस टीम के सटीक सदस्यों और इसके औपचारिक अधिकारों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सीमित है। ऐसे में स्थानीय मीडिया में सामने आए नामों को रिपोर्टेड जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि ईरान की आधिकारिक घोषित सत्ता संरचना के रूप में।