KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में मंत्रियों से उनके विभागों की चुनौतियों, कमियों और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों से यह भी पूछा गया कि उन्होंने शिविर में दूसरे मंत्रियों से क्या सीखा और खुद क्या सुझाव दिए।
मंत्रियों को ‘स्वयं का विकास’ और ‘जन विश्वास से जन भागीदारी’ जैसे विषयों के तहत अपने विभाग से जुड़े मुद्दों की पहचान करने को कहा गया। इसके लिए मंत्रियों से एक पेज पर शिविर से मिले अनुभव और अपने इनपुट लिखने को कहा गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से अधिकारियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को केवल मंत्रालय के सचिव तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समय-समय पर अलग-अलग अधिकारियों से भी मिलना चाहिए। इसका उद्देश्य विभागीय कामकाज और जमीनी स्तर की चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझना बताया गया।
पीएम मोदी ने मंत्रियों को मीडिया से संवाद करते समय पूरी तैयारी के साथ जाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मीडिया में जाने से पहले संबंधित मुद्दों और ताजा घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी होनी चाहिए। साथ ही, अपने संसदीय क्षेत्रों में लोगों के बीच जाते समय भी पर्याप्त तैयारी रखने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और उनकी 100 फीसदी पहुंच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने पर भी जोर दिया। चिंतन शिविर के दौरान पीएम मोदी ने मंत्रियों के अलग-अलग समूहों के साथ संवाद किया और उनसे विभागीय कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।