KNEWS DESK- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग की है। पार्टी ने 25 सितंबर को देशभर में राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने हालिया मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता डेटा से जुड़े मामलों सहित कई मुद्दों पर थीं।
कांग्रेस का आरोप है कि इन घटनाओं से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है। वेणुगोपाल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन के दूसरे चरण में 28 सितंबर को सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने का निर्देश दिया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर अलग रुख रखा है। आयोग के सूत्रों ने कहा है कि SIR समेत उसके सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं। आयोग ने आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय को संस्थागत प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बताया है।
इस विवाद की पृष्ठभूमि में SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चल रही राजनीतिक बहस भी शामिल है। कांग्रेस जहां इन मुद्दों पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है।