आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) ने 23 सितंबर को अपने 8 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देश के हर नागरिक को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। पीएम मोदी के मुताबिक, योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक लोगों को प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।
Knews Desk– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आयुष्मान भारत के सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योजना ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से राहत देने में मदद की है और स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों के घरों के करीब पहुंचाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत की शुरुआत आठ साल पहले इस उद्देश्य के साथ की गई थी कि हर भारतीय को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवा मिल सके। उनके अनुसार, आज 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिल रहा है। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम बताया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि योजना के कारण इलाज के खर्च में बड़ी बचत संभव हुई है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक 500 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज की जा चुकी हैं। उनके मुताबिक, इससे जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिली है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी आयुष्मान भारत PM-JAY के आठ साल पूरे होने पर योजना की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले शुरू हुई यह योजना देशभर में लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में बदलाव लेकर आई है। नड्डा के मुताबिक, योजना के दायरे में 60 करोड़ से अधिक लोग शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक 48.54 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और 13 करोड़ से अधिक लोग उपचार का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के 39,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के जरिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अस्पताल में भर्ती और उपचार का लाभ लिया जा चुका है। नड्डा ने कहा कि सरकार सुलभ, किफायती और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आयुष्मान भारत PM-JAY को 23 सितंबर 2018 को लॉन्च किया गया था। यह योजना पात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक के कैशलेस अस्पताल में भर्ती इलाज का कवर देती है। इसके तहत सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थकेयर से जुड़े उपचार शामिल हैं। योजना में 27 मेडिकल स्पेशियलिटी की 1,961 प्रक्रियाओं को कवर किया गया है।
योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारी या महंगे इलाज के कारण परिवारों पर पड़ने वाले बड़े आर्थिक बोझ को कम करना है। समय के साथ इसके दायरे में कई नए लाभार्थी समूहों को भी शामिल किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी योजना का लाभ दिया गया है। 21 सितंबर 2026 तक इन समूहों के लिए 44.81 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
इसके अलावा 70 साल और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। 21 सितंबर तक 1.36 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
AB PM-JAY के लाभार्थियों में निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र परिवारों के साथ-साथ सरकार की विभिन्न पहलों के तहत शामिल विशेष वर्ग भी हैं। इनमें निर्माण श्रमिक, सड़क दुर्घटना पीड़ित, ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र लोग, कचरा बीनने वाले, सफाई कर्मचारी और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह शामिल हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, आयुष्मान भारत का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाना है। योजना के आठ साल पूरे होने के बाद इसके विस्तार के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।