सिरोही नगर परिषद सभापति चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद बीजेपी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी की ओर से सभापति पद की प्रत्याशी पूजा माली को महज 5 वोट मिले, जबकि बीजेपी के 10 पार्षद बताए जा रहे हैं। चुनाव से पहले पार्टी के 5 पार्षदों ने मंदिर में सौगंध भी ली थी। इसके बावजूद पूजा माली को उम्मीद के मुताबिक वोट नहीं मिले, जिसके बाद क्रॉस वोटिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
Knews Desk– राजस्थान के सिरोही में नगर परिषद सभापति चुनाव का परिणाम चर्चा का विषय बना हुआ है। बीजेपी ने सभापति पद के लिए पूजा माली को प्रत्याशी बनाया था। नगर परिषद में बीजेपी के टिकट पर 10 पार्षद चुने गए हैं। ऐसे में पार्टी को उम्मीद थी कि अपने पार्षदों के वोट के साथ कुछ अतिरिक्त समर्थन जुटाकर वह सभापति पद पर कब्जा कर सकती है।
क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए चुनाव से पहले बीजेपी के 5 पार्षदों को मंदिर ले जाया गया था, जहां उन्होंने सौगंध ली थी। हालांकि, सौगंध लेने वाले पार्षदों में बीजेपी प्रत्याशी पूजा माली शामिल नहीं थीं। ऐसे में उनके अपने वोट को जोड़ने पर भी उन्हें कम से कम 6 वोट मिलने की उम्मीद थी। लेकिन चुनाव परिणाम में पूजा माली को सिर्फ 5 वोट ही मिले। इनमें उनका खुद का वोट भी शामिल है।
इस नतीजे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बीजेपी के बाकी वोट कहां चले गए। क्या सौगंध लेने वाले पार्षदों में से किसी ने क्रॉस वोटिंग की या फिर किसी अन्य स्तर पर वोटों का समीकरण बदला? फिलहाल गोपनीय मतदान होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस पार्षद ने किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।
सभापति चुनाव से पहले वार्ड नंबर 1 की बीजेपी पार्षद पूनम अनिल प्रजापत, वार्ड नंबर 16 के मनीष प्रजापत, वार्ड नंबर 17 के गौरव, वार्ड नंबर 19 की संतोष और वार्ड नंबर 21 के सुनील गुप्ता ने शनेश्वर जी महादेव मंदिर पहुंचकर सौगंध ली थी। उस समय भी यह मामला चर्चा में रहा था।
अब चुनाव परिणाम सामने आने के बाद स्थानीय सियासत में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर सौगंध लेने के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी को अपेक्षित वोट क्यों नहीं मिले। गोपनीय मतदान के कारण फिलहाल यह पता लगाना मुश्किल है कि क्रॉस वोटिंग किसकी ओर से हुई।
सिरोही नगर परिषद के इस परिणाम ने बीजेपी की चुनावी रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव से पहले की गई तैयारियों और पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिशों के बावजूद पूजा माली को केवल 5 वोट मिलना पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम बन गया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय तक चर्चाएं तेज हो गई हैं।