40 लाख रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में फरार चल रहे CGST के एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती को CBI ने ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी वह जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे। इस मामले में एक CGST अधीक्षक और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
Knews Desk– मुंबई CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने CGST से जुड़े 40 लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने फरार चल रहे CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती को ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद वह CBI के सामने पेश नहीं हुए थे।
CBI ने यह मामला 26 अगस्त 2026 को दर्ज किया था। आरोप है कि CGST खांदेश्वर, रायगढ़ में तैनात एक सुपरिटेंडेंट ने एक कारोबारी की फर्म से जुड़े मामले को निपटाने के बदले पहले 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में कथित तौर पर रकम घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई।
इसके बाद 27 अगस्त को CBI ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान एक निजी व्यक्ति और कस्टम हाउस एजेंट को कथित तौर पर 40 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया। CBI के अनुसार, यह रकम CGST सुपरिटेंडेंट और एडिशनल कमिश्नर के लिए ली जा रही थी।
इस मामले में CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा, निजी व्यक्ति नारिंदर राजपूत और एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती को आरोपी बनाया गया था। तीनों को कोर्ट के सामने पेश किया गया था। हालांकि, 28 अगस्त को विशेष CBI कोर्ट ने जांच एजेंसी की पांच दिन की हिरासत की मांग को खारिज कर दिया था और गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए आरोपियों को जमानत दे दी थी।
इसके बाद CBI ने विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। 16 सितंबर को हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए आरोपियों को दो दिन की CBI हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद कहा था कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में बताए गए थे और उनके परिवार के सदस्यों तथा वकीलों को भी इसकी जानकारी दी गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और निजी आरोपी को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए और फरार हो गए।
CBI ने उनकी तलाश शुरू की और आखिरकार उन्हें ऋषिकेश से ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। अब जांच एजेंसी उन्हें अदालत में पेश करेगी। CBI पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी की मांग कर सकती है। एजेंसी रिश्वत की रकम, कथित लेन-देन और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।