पुरुलिया में करम उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कुर्मी समुदाय के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने 2025 के आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने, विकास के लिए 50 करोड़ रुपये देने और कुरमाली व राजबंशी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की बात कही।
Knews Desk– पश्चिम बंगाल में कुर्मी समुदाय को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कई बड़े ऐलान किए। पुरुलिया के कराडी मैदान में आयोजित करम उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2025 में अनुसूचित जनजाति यानी ST का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान कुर्मी समुदाय के लोगों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लिया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में आंदोलन के दौरान कुर्मियों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लेने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने कुर्मी समुदाय के भीतर विभाजन पैदा करने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कुर्मी समुदाय के विकास के लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस राशि को और बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी विकास क्षेत्र में करीब 1600 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाने की बात भी कही।
कुरमाली और राजबंशी भाषाओं को लेकर भी शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए उनकी सरकार प्रयास करेगी। उन्होंने इस संदर्भ में संताली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने का भी जिक्र किया।
UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर भी मुख्यमंत्री ने समुदाय को लेकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य में UCC लागू करने के लिए एक आयोग बनाया गया है और कुर्मी समुदाय के अनुरोध पर उसे इसके दायरे से बाहर रखने का फैसला किया गया है।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में आदिवासी समुदायों के अधिकार और विकास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी और किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रखा जाएगा।