AI से सेमीकंडक्टर तक, तकनीक के नए हब के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश

इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में बढ़ते निवेश से उत्तर प्रदेश तकनीकी और औद्योगिक विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Knews Desk- उत्तर प्रदेश में तकनीक आधारित उद्योगों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से लेकर सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और डीप-टेक तक कई क्षेत्रों में निवेश और नई परियोजनाएं सामने आ रही हैं। राज्य सरकार की नीतियों और औद्योगिक ढांचे के विस्तार के बीच प्रदेश को तकनीकी विकास का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और युवा कार्यबल को इस बदलाव का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। इसी उद्देश्य से राज्य में युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए एआई, ब्लॉकचेन और 5जी-6जी जैसी तकनीकों से जुड़े सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। लखनऊ में एआई सिटी के लिए भूमि चिह्नित किए जाने के साथ प्रदेश को डीप-टेक के क्षेत्र में आगे ले जाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अहम माना जा रहा है। गाजियाबाद स्थित सीईएल परिसर में 30 मेगावाट क्षमता का ग्रीन डेटा सेंटर विकसित किया गया है। इसमें स्मार्ट कूलिंग और रेनवाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा करीब 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से आठ डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाने की योजना है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले से ही बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश में निर्मित होने वाले कुल मोबाइल फोन में करीब 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। वहीं, देश की 60 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण इकाइयों की मौजूदगी भी राज्य में बताई गई है। प्रदेश में एलजी, हायर, डिक्सन और सैमसंग जैसी कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काम कर रही हैं।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 3,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बना था। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर-28 में इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित सुविधा को इसी दिशा में एक अहम परियोजना माना जा रहा है।

राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 200 से अधिक कंपनियां सक्रिय हैं। यहां 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और तीन लाख से ज्यादा रोजगार के अवसरों का दावा किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025 के तहत भी 3,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव सामने आया है।

तकनीकी और औद्योगिक विकास का विस्तार रक्षा क्षेत्र तक भी हुआ है। लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की यूनिट स्थापित की गई है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ा उत्पादन किया जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया जा रहा है।

डिजिटल सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए भी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। ई-साथी मोबाइल ऐप के जरिए 24 से अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। राज्य की 2,066 ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचने की जानकारी दी गई है। प्रोजेक्ट गंगा के तहत करीब 20 लाख ग्रामीण और अर्ध-शहरी घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार भी किया जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा एक्सप्रेसवे नेटवर्क को निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ में रोबोटिक्स और एआई कंप्यूटिंग पार्क विकसित किए जाने की योजना है।

लखनऊ में करीब 100 एकड़ में एचसीएल आईटी सिटी और सात एसटीपीआई आईटी पार्क भी तकनीकी क्षेत्र के विस्तार का हिस्सा हैं। आईटी पॉलिसी के तहत सात हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजनाएं प्रस्तावित हैं।

कुल मिलाकर, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, सेमीकंडक्टर, एआई, डेटा सेंटर, रोबोटिक्स, रक्षा उत्पादन और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में हो रहा विस्तार उत्तर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में तकनीक की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का असर निवेश, रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।

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