Knews Desk- गोवा में कांग्रेस 22 सितंबर 2026 से 27 दिवसीय ‘गोय राखोन्न यात्रा’ शुरू करने जा रही है। कोंकणी में ‘गोय राखोन्न’ का अर्थ ‘गोवा की रक्षा’ या ‘गोवा को बचाना’ है। यह यात्रा राज्य की सभी 40 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी। कांग्रेस के मुताबिक, इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करने के साथ जनता से सीधा संपर्क बढ़ाना है।

यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सचिन पायलट समेत कई नेता यात्रा में हिस्सा ले सकते हैं। गोवा कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोदनकर ने इसे संगठन और जनसंपर्क मजबूत करने की दिशा में अहम अभियान बताया।
यात्रा को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा है। वहीं, पार्टी ने आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन को बीजेपी के साथ कथित ‘एक्सचेंज ऑफर’ करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस गठबंधन के जरिए गोवा और पंजाब में राजनीतिक हित साधने की कोशिश की जा रही है।
‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन की घोषणा आप और जीएफपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले की है। दोनों दलों ने बीजेपी को चुनौती देने और दलबदल-मुक्त राजनीति की बात कही है। कांग्रेस का कहना है कि यह गठबंधन गोवा में व्यापक विपक्षी एकजुटता की जनता की उम्मीदों के विपरीत है। हालांकि, आप और जीएफपी की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर अलग रुख सामने आया है।