निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। भूपतवाला क्षेत्र में एक मंदिर के सामने स्थित चाय के खोखे में उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
Knews Desk– नोएडा के चर्चित निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव भूपतवाला इलाके में सप्त सरोवर रोड के पास एक चाय के खोखे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, सप्त ऋषि पुलिस चौकी को एक चाय की दुकान में व्यक्ति के मृत मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में की। वह मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के मंगरुखाल गांव का रहने वाला था।
बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और किराये पर चाय का खोखा चलाता था। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था। नोएडा के निठारी इलाके में एक मकान के पीछे नाले से बच्चों के कंकाल और मानव अवशेष बरामद किए गए थे। उस मकान में सुरेंद्र कोली घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था। मकान मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर भी इस मामले में आरोपी रहे थे।
निठारी कांड से जुड़े अलग-अलग मामलों में सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराया गया था और कई मामलों में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि बाद में अदालतों में हुई सुनवाई के दौरान उसके खिलाफ कई मामलों में राहत मिली।
अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में कोली की दोषसिद्धि और मौत की सजा को रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और कथित बरामदगी से जुड़े पहलुओं पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े उसके खिलाफ आखिरी लंबित मामले में भी दोषसिद्धि रद्द कर दी थी। कोर्ट ने उसकी क्यूरेटिव पिटीशन स्वीकार करते हुए निर्देश दिया था कि अगर वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए। इसके साथ ही निठारी कांड से जुड़े उसके खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामले समाप्त हो गए थे।
हरिद्वार पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास के लोगों से मिली जानकारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।