Knews Desk– बसपा सुप्रीमो मायावती ने UPI के चुनिंदा बड़े व्यापारी भुगतानों पर प्रस्तावित MDR और उत्तर प्रदेश में स्मार्ट स्कूल बनाने की योजना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से जनकल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने UPI लेनदेन पर लागू होने वाले नए Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगातार पोस्ट कर UPI शुल्क और उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट बनाने की योजना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मायावती ने कहा कि सरकार ने पहले डिजिटल भुगतान और UPI को बढ़ावा दिया, लेकिन अब बड़े व्यापारी भुगतानों पर MDR लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को नीतियां बनाते समय आम लोगों और छोटे कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखना चाहिए।
हालांकि, नए नियमों के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant यानी P2M UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर लगेगा और ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन के लिए अधिकतम ₹300 होगा। यह शुल्क व्यापारी पक्ष पर होगा, सीधे उपभोक्ता से नहीं लिया जाएगा। Person-to-Person यानी P2P लेनदेन और ₹2,000 तक के P2M भुगतान इस MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार की करीब 14,500 परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट स्कूल में बदलने की योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट शिक्षा के साथ स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने स्कूलों में पक्की छत, पर्याप्त बेंच-कुर्सियां, किताबें, शौचालय, खेल मैदान और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं को जरूरी बताया। मायावती ने करीब 300 करोड़ रुपये के बजट में इतने बड़े पैमाने पर स्कूलों में सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी सवाल उठाया। मायावती ने कहा कि सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और रोजमर्रा की आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां बनानी चाहिए। उन्होंने जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।