दिशा सालियान केस पर आदित्य ठाकरे की सफाई, बोले- कभी नहीं मिला

knews desk – दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू की है। इसी बीच शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई दी है।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और न ही उनका उनसे किसी तरह का परिचय था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह सालों से राजनीतिक मकसद, व्यक्तिगत दुश्मनी और उनकी छवि खराब करने के इरादे से उनका नाम इस मामले से जोड़ा जा रहा है।

‘दिशा सालियान को कभी देखा तक नहीं’

आदित्य ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि वह केवल तथ्यों के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दिशा सालियान को कभी देखा तक नहीं था और न ही वह उन्हें जानते थे।

उनके मुताबिक, पिछले कई वर्षों से कुछ लोग बिना किसी सबूत या संबंध के उनका नाम दिशा सालियान की मौत से जोड़ रहे हैं। आदित्य ठाकरे ने कहा कि टीवी चैनलों पर होने वाली बहसों और मीडिया ट्रायल से सच्चाई नहीं बदल सकती।

उन्होंने मीडिया में चल रही उन चर्चाओं पर भी सवाल उठाया, जिनमें उनके अनुसार तथ्यों के बजाय आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी को ज्यादा जगह दी जाती है।

निष्पक्ष जांच की मांग

आदित्य ठाकरे ने कहा कि मामले की जांच आधिकारिक एजेंसियों को नए सिरे से करने दी जानी चाहिए। उन्होंने जांच में किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध किया।

उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और इसमें न तो राजनीतिक दबाव होना चाहिए और न ही किसी का चरित्र हनन किया जाना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि अगर किसी को लगता है कि झूठे प्रचार और चरित्र हनन के जरिए उन्हें चुप कराया जा सकता है, तो यह गलतफहमी है।

‘सच्चाई और अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी’

अपने बयान के अंत में आदित्य ठाकरे ने कहा कि आरोपों और प्रचार के बावजूद उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह सच्चाई और अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे और देशवासियों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सीबीआई ने दिशा सालियान की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए टीम गठित की है।

कौन थीं दिशा सालियान?

दिशा सालियान मुंबई में सेलिब्रिटी मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, लेकिन उनके परिवार ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।

दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर होने के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में दोनों मामलों को जोड़कर कई तरह के दावे किए गए।

सीबीआई एफआईआर में कई नामों का जिक्र

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप और हत्या हुई। उन्होंने आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, उद्धव ठाकरे और सचिन वाजे समेत कई नामों का उल्लेख है। पिछली एसआईटी से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

हालांकि, एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होना अपने आप में अपराध या दोष साबित नहीं करता। संबंधित लोगों की भूमिका का निर्धारण जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों और तथ्यों के आधार पर होगा।

अब सीबीआई पुराने रिकॉर्ड, पुलिस और फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। मामले में आगे क्या सामने आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *