आजमगढ़ में AQIS आतंकी गिरफ्तार, वॉट्सऐप ग्रुप में युवाओं को जेहाद के लिए उकसाने का आरोप

यूपी एटीएस ने मोहम्मद नबील को पकड़ा, जांच में प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े ग्रुप और आपत्तिजनक साहित्य मिलने का दावा

Knews Desk- उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ में कार्रवाई करते हुए अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा गांव निवासी मोहम्मद नबील के रूप में हुई है। एटीएस के मुताबिक, नबील पूर्वांचल समेत देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा था।

जांच एजेंसी के अनुसार, नबील ने वॉट्सऐप पर ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नाम से एक ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में वह युवाओं को जेहाद के नाम पर उकसाने वाली सामग्री साझा करता था। एटीएस का दावा है कि ग्रुप में आतंकी गतिविधियों से जुड़े 44 तरीकों का जिक्र करने वाली किताब भी शेयर की गई थी।

नबील की गतिविधियों पर एटीएस को पहले से इनपुट मिला था। इसके बाद उसकी निगरानी की जा रही थी। पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद एजेंसी ने आजमगढ़ स्थित उसके ठिकाने पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया।

अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित

एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, नबील कुख्यात आतंकी अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित था। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। जांच में उसके ग्रुप से जम्मू-कश्मीर के कुछ युवाओं और विदेशी नागरिकों के जुड़े होने की बात भी सामने आई है।

एटीएस की जांच में आरोपी के मोबाइल फोन और वॉट्सऐप चैट से कथित तौर पर कई अहम जानकारियां मिली हैं। अधिकारियों के अनुसार, नबील और उसके संपर्क में रहने वाले लोग बातचीत के दौरान कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। एजेंसी ने दावा किया है कि आतंकी गतिविधियों से जुड़े विषयों के लिए अलग-अलग सांकेतिक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था।

प्रतिबंधित संगठनों का साहित्य भी मिला

जांच एजेंसी के मुताबिक, नबील के वॉट्सऐप ग्रुप में अलकायदा से जुड़े आतंकी अनवर उल अवलाकी की किताब ‘जेहाद करने के 44 तरीके’ शेयर की गई थी। इसके अलावा, AQIS के पूर्व प्रमुख आतंकी मौलाना आसिम उमर की किताब ‘तीसरी जंग-ए-अज़ीम और दज्जाल’ की पीडीएफ भी ग्रुप में मिलने का दावा किया गया है।

एटीएस के अनुसार, नबील ‘Flames of War’ समेत कई अन्य ऑनलाइन ग्रुप्स से भी जुड़ा था। इन ग्रुप्स में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। एजेंसी को आशंका है कि इन माध्यमों से अलकायदा की विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था।

एटीएस के मुताबिक, नबील पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर आतंकी गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग लेने की योजना बना रहा था। फिलहाल एजेंसी उसकी ऑनलाइन गतिविधियों, विदेशी संपर्कों और आतंकी संगठनों से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *