KNEWS DESK- गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के स्वागत और उनकी पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन भक्त अपने घरों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित करते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं. आजकल समय की कमी के चलते कई लोग गणपति की मूर्ति ऑनलाइन भी मंगाते हैं. हालांकि, प्रतिमा घर पहुंचने के बाद उसे सीधे पूजा स्थल पर रखने के बजाय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश की प्रतिमा को घर लाने से लेकर स्थापना तक श्रद्धा और पवित्रता का ध्यान रखना शुभ माना जाता है. अगर आपने भी ऑनलाइन गणपति की मूर्ति मंगाई है, तो स्थापना से पहले ये 5 काम जरूर करें.
क्या ऑनलाइन गणपति की मूर्ति खरीदना शुभ है?
धार्मिक परंपराओं में प्रतिमा खरीदने के माध्यम को लेकर कोई एक समान नियम नहीं है. ऑनलाइन मूर्ति खरीदना अपने आप में अशुभ नहीं माना जाता. प्रतिमा का स्वरूप, उसकी स्थिति और पूजा के प्रति श्रद्धा अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है. हालांकि, मूर्ति खरीदते समय उसकी सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता का ध्यान रखना चाहिए. पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी की प्रतिमा को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प है.
डिलीवरी के बाद प्रतिमा को सावधानी से खोलें
ऑनलाइन मंगाई गई गणपति की मूर्ति पैकेजिंग में आती है. घर पहुंचने के बाद सबसे पहले पैकेट को सावधानी से खोलें. प्रतिमा को जल्दबाजी में बाहर निकालने या खींचने से बचें. मूर्ति को साफ और सुरक्षित स्थान पर रखें और जांच लें कि डिलीवरी के दौरान कहीं उसका कोई हिस्सा टूटा या क्षतिग्रस्त तो नहीं हुआ. अगर प्रतिमा खंडित है, तो उसे स्थापना के लिए इस्तेमाल करने से पहले परिवार के पंडित या धार्मिक मार्गदर्शक से सलाह लें.
प्रतिमा को स्वच्छ कपड़े से साफ करें
घर लाने के बाद गणपति की प्रतिमा को साफ कपड़े से धीरे-धीरे साफ करें. पैकेजिंग और यात्रा के दौरान उस पर धूल जम सकती है. इसलिए स्थापना से पहले प्रतिमा की सफाई करना जरूरी माना जाता है. मूर्ति को साफ करते समय उसके रंग, सजावट और नाजुक हिस्सों का ध्यान रखें. अगर प्रतिमा मिट्टी की बनी है, तो उसे पानी में भिगोने के बजाय सूखे या हल्के गीले कपड़े से साफ करना बेहतर रहेगा.
बप्पा को सीधे फर्श पर न रखें
गणपति की प्रतिमा को घर लाने के बाद सीधे जमीन पर रखने से बचें. स्थापना के लिए पहले पूजा स्थल तैयार करें और वहां साफ चौकी या आसन बिछाएं. चौकी पर स्वच्छ कपड़ा बिछाकर ही प्रतिमा रखें. पूजा का स्थान साफ-सुथरा, व्यवस्थित और ऐसा होना चाहिए जहां परिवार के लोग आसानी से पूजा कर सकें.
स्थापना की दिशा और स्थान का ध्यान रखें
गणपति की स्थापना करते समय घर की परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिशा का ध्यान रखा जाता है. आम तौर पर पूजा स्थल पर प्रतिमा को उचित स्थान पर स्थापित किया जाता है, ताकि पूजा करते समय भक्तों का मुख बप्पा की ओर रहे. प्रतिमा को ऐसे स्थान पर रखें जहां उसे बार-बार हटाना न पड़े. स्थापना से पहले पूजा की जगह साफ कर लें और दीपक, धूप तथा अन्य सामग्री रखने के लिए पर्याप्त स्थान तैयार करें.
पूजा सामग्री और शुभ मुहूर्त की तैयारी करें
गणपति स्थापना से पहले पूजा की सभी जरूरी सामग्री तैयार कर लेना बेहतर रहता है. इसमें फूल, दूर्वा, अक्षत, रोली, चंदन, दीपक, धूप, मोदक और अन्य भोग सामग्री शामिल हो सकती है. स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त की जानकारी पहले से ले लें. इसके बाद परिवार की परंपरा और पूजा विधि के अनुसार भगवान गणेश की स्थापना करें. पूजा के दौरान श्रद्धा, स्वच्छता और शांत मन का विशेष ध्यान रखें.
ऑनलाइन गणपति की मूर्ति खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
- मिट्टी की प्रतिमा को प्राथमिकता दें और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प चुनें.
- प्रतिमा की गुणवत्ता और मजबूती जांच लें.
- मूर्ति के स्वरूप और आकार का ध्यान रखें.
- डिलीवरी के बाद पैकेजिंग को सावधानी से खोलें.
- प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखें और स्थापना से पहले पूजा स्थल तैयार करें.
गणपति की प्रतिमा के स्वरूप, दिशा और स्थापना से जुड़े नियम अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में भिन्न हो सकते हैं. ऑनलाइन मूर्ति खरीदने में कोई विशेष धार्मिक दोष मानना जरूरी नहीं है. सबसे महत्वपूर्ण है कि भगवान गणेश की प्रतिमा का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए और श्रद्धा के साथ पूजा की जाए.