3 ट्रक मलबा, एक दीवार हटाई और भरभराकर गिर गई बिल्डिंग… सत्य निकेतन हादसे में मजदूर ठेकेदार गिरफ्तार

KNEWS DESK- दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की जांच में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मजदूर ठेकेदार सानोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्ता किया है। पूछताछ में निर्माण और मरम्मत के काम से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, हादसे से करीब 10 दिन पहले इमारत में मरम्मत और निर्माण का काम शुरू हुआ था।

इस हादसे में 5 छात्रों समेत कुल 7 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले बेसमेंट में बड़ी मात्रा में मलबा डाला गया था और ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए एक दीवार भी हटाई गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बदलावों का इमारत की मजबूती पर कितना असर पड़ा।

10 दिन पहले शुरू हुआ था मरम्मत का काम

पुलिस के अनुसार, सानोज कुमार ने पूछताछ में बताया कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने उसे इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम सौंपा था। इसके बदले उसे रोजाना 2,800 रुपये मजदूरी दी जा रही थी।

निर्माण कार्य के दौरान बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक भरने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए वहां करीब तीन ट्रक मलबा डाला गया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बेसमेंट में मलबा भरने और अन्य निर्माण कार्य के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं।

दुकान के लिए हटाई गई थी दीवार

पुलिस का कहना है कि जिस दिन हादसा हुआ, उसी दिन ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह बनाने के उद्देश्य से एक दीवार हटाई गई थी। दूसरी तरफ बेसमेंट में पहले ही बड़ी मात्रा में मलबा मौजूद था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, दीवार हटने और इमारत पर अतिरिक्त भार पड़ने से उसका स्ट्रक्चर कमजोर हुआ और कुछ ही समय बाद पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी।

PG संचालक शुधांशु लवनीश भी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में PG संचालक शुधांशु लवनीश को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुधांशु ने 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। साल 2022 से वह अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ सत्य निकेतन में ‘Hostel Daze’ नाम से PG चला रहा था।

पुलिस का दावा है कि वर्तमान में शुधांशु इलाके में करीब सात PG संचालित कर रहा था। हादसे वाली बिल्डिंग की चार मंजिलें उसने अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये प्रति माह किराए पर ली थीं।

जर्जर हालत के बावजूद काम कराने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, शुधांशु को इमारत की जर्जर स्थिति की जानकारी थी। इसके बावजूद निर्माण और मरम्मत के दौरान संभावित खतरे को नजरअंदाज करने का आरोप है। मामले में पुलिस पहले ही महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है।

अब महेश गुप्ता, सानोज कुमार और शुधांशु लवनीश को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब निर्माण कार्य, इमारत की स्थिति, सुरक्षा मानकों और हादसे की वास्तविक वजह की विस्तृत जांच कर रही है।

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