KNEWS DESK- जम्मू-कश्मीर की वादियों और वहां के खानपान की बात हो तो कश्मीरी कहवा का नाम जरूर आता है. अपनी खास खुशबू, हल्के मसालेदार स्वाद और केसर की महक के कारण यह चाय लोगों के बीच काफी पसंद की जाती है.

कहवा बनाने के लिए किसी खास या मुश्किल सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद कुछ मसालों और ड्राई फ्रूट्स की मदद से आप इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं. मेहमानों को कुछ अलग और गर्मागर्म सर्व करना हो तो भी कश्मीरी कहवा अच्छा विकल्प हो सकता है.
कश्मीरी कहवा बनाने के लिए सामग्री
- 3 कप पानी
- 10-12 केसर के धागे
- आधा इंच दालचीनी
- 1 लौंग
- 1 हल्की कुटी हुई हरी इलायची
- आधा चम्मच सूखी गुलाब की पंखुड़ियां
- 1 चम्मच कश्मीरी ग्रीन टी या सामान्य ग्रीन टी
- 2 चम्मच बारीक कटे हुए बादाम
- 2 चम्मच शहद, स्वादानुसार
इस तरह तैयार करें कश्मीरी कहवा
सबसे पहले एक पैन में 3 कप पानी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें. पानी में उबाल आने लगे तो आंच धीमी कर दें.
अब इसमें दालचीनी, लौंग, कुटी हुई इलायची, केसर और सूखी गुलाब की पंखुड़ियां डालें. इन सभी चीजों को करीब 3 से 4 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें, ताकि मसालों और केसर की खुशबू पानी में अच्छी तरह उतर जाए.
इसके बाद गैस बंद कर दें और इसमें ग्रीन टी डालें. इसे ज्यादा देर तक उबालने के बजाय करीब 30 से 40 सेकंड तक ढककर रखें, ताकि चाय का स्वाद कड़वा न हो.
अब कहवे को छानकर कप में डालें. इसमें बारीक कटे बादाम और स्वाद के अनुसार शहद मिलाएं. ऊपर से कुछ केसर के धागे डालकर गर्मागर्म सर्व करें.
कहवे को खास बनाते हैं ये फ्लेवर
कश्मीरी कहवा की खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले और सुगंधित चीजें हैं. दालचीनी और इलायची इसे गर्माहट और मसालेदार स्वाद देते हैं, जबकि केसर और गुलाब की पंखुड़ियां इसकी खुशबू को खास बनाती हैं. बादाम डालने से इसमें हल्का क्रंच और ड्राई फ्रूट्स का स्वाद आता है. अगर आप मीठा पसंद करते हैं तो शहद मिला सकते हैं.
कश्मीरी कहवा पीने के क्या फायदे हैं?
कहवे में इस्तेमाल होने वाली ग्रीन टी और मसालों में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. गर्म पेय होने के कारण यह खासकर ठंड के मौसम में शरीर को गर्माहट का एहसास भी देता है. इलायची और दालचीनी जैसे मसाले पाचन के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं. वहीं, केसर और गुलाब की पंखुड़ियां कहवे को सुगंधित और स्वादिष्ट बनाती हैं. हालांकि, कहवा किसी बीमारी का इलाज नहीं है. इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर किए जाने वाले दावों को संतुलित तरीके से देखना चाहिए.
सुबह या शाम, कभी भी ले सकते हैं स्वाद
अगर आप रोज की दूध वाली चाय से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो कश्मीरी कहवा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. खासतौर पर सर्द शाम में गर्मागर्म कहवे की चुस्कियां आपको कश्मीर की खास चाय का स्वाद घर बैठे दे सकती हैं.