CIBIL Score: अच्छी कमाई के बावजूद अगर आप EMI या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर नहीं करते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है. वहीं सीमित कमाई वाला व्यक्ति भी सही वित्तीय आदतों के साथ बेहतर CIBIL Score बनाए रख सकता है.
Knews Desk- हर महीने अच्छी सैलरी मिलना आर्थिक रूप से मजबूत होने का संकेत हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपका CIBIL Score भी अच्छा होगा. क्रेडिट स्कोर आपकी कमाई के आधार पर तय नहीं होता. इसमें सबसे अहम भूमिका इस बात की होती है कि आप अपने कर्ज और क्रेडिट का इस्तेमाल किस तरह करते हैं और समय पर भुगतान करते हैं या नहीं.
अगर कोई व्यक्ति हर महीने 2 लाख रुपये कमाता है, लेकिन क्रेडिट कार्ड का बिल या लोन की EMI लगातार देर से चुकाता है, तो उसके CIBIL Score पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. दूसरी ओर, सीमित आय वाला व्यक्ति भी समय पर भुगतान और जिम्मेदार क्रेडिट इस्तेमाल के जरिए अच्छा स्कोर बनाए रख सकता है.
CIBIL Score के लिए सैलरी से ज्यादा जरूरी क्या है?
क्रेडिट स्कोर यह बताने की कोशिश करता है कि किसी व्यक्ति ने अब तक अपने उधार और क्रेडिट को कितनी जिम्मेदारी से संभाला है. इसलिए केवल बैंक खाते में आने वाली सैलरी या खाते में मौजूद रकम से स्कोर तय नहीं होता.
अगर आप भविष्य में घर, कार या किसी अन्य जरूरत के लिए लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो अपनी क्रेडिट हिस्ट्री पर ध्यान देना जरूरी है. समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल भरना इसकी शुरुआत हो सकती है.
आपने लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड का भुगतान तय तारीख तक किया या नहीं, यह आपकी क्रेडिट प्रोफाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा है. भुगतान में देरी होने पर क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है.
इसलिए सभी EMI, क्रेडिट कार्ड बिल और दूसरे जरूरी भुगतान की तारीख याद रखना जरूरी है. ऑटो-पे या रिमाइंडर जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, ताकि भुगतान की तारीख न छूटे.
क्रेडिट लिमिट का पूरा इस्तेमाल न करें
क्रेडिट कार्ड की लिमिट जितनी ज्यादा हो, उसका मतलब यह नहीं है कि आपको पूरी लिमिट खर्च करनी चाहिए. अपनी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का बहुत बड़ा हिस्सा लगातार इस्तेमाल करने से आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर असर पड़ सकता है.
आमतौर पर क्रेडिट यूटिलाइजेशन को 30 फीसदी से कम रखने की सलाह दी जाती है. उदाहरण के लिए, अगर आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है, तो कोशिश करें कि बकाया क्रेडिट इस्तेमाल 30 हजार रुपये के आसपास या उससे कम रहे.
आपके पुराने क्रेडिट अकाउंट और उनके भुगतान का रिकॉर्ड भी क्रेडिट प्रोफाइल का हिस्सा होता है. इसलिए बिना जरूरत पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद करना हमेशा सही फैसला नहीं माना जाता.
लंबे समय से सही तरीके से चल रहा क्रेडिट अकाउंट आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को मजबूत करने में मदद कर सकता है.
बार-बार लोन के लिए आवेदन करने से बचें
कम समय में कई बैंकों या वित्तीय संस्थानों के पास लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से भी आपकी क्रेडिट प्रोफाइल प्रभावित हो सकती है. इसलिए जरूरत और पात्रता को समझने के बाद ही आवेदन करना बेहतर है.
साथ ही, अलग-अलग तरह के क्रेडिट का संतुलित और जिम्मेदार इस्तेमाल भी आपकी क्रेडिट प्रोफाइल के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है.
अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन लेते समय फायदेमंद हो सकता है. बैंक और वित्तीय संस्थान लोन आवेदन का मूल्यांकन करते समय क्रेडिट हिस्ट्री और स्कोर जैसे कई पहलुओं को देखते हैं.
बेहतर स्कोर होने पर लोन की मंजूरी की संभावना बढ़ सकती है और कुछ मामलों में बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना भी रहती है. हालांकि ब्याज दर और लोन की मंजूरी केवल CIBIL Score पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आय, मौजूदा कर्ज, नौकरी या कारोबार और बैंक की अपनी नीतियों जैसे कई कारक भी देखे जाते हैं.
CIBIL Score सुधारने में कितना समय लगता है?
अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो उसमें सुधार तुरंत नहीं होता. समय पर भुगतान करना, क्रेडिट कार्ड का सीमित इस्तेमाल करना और नए कर्ज के लिए अनावश्यक आवेदन से बचना धीरे-धीरे सकारात्मक असर डाल सकता है.
क्रेडिट रिपोर्ट में बदलाव आपके लेनदारों द्वारा ब्यूरो को भेजे जाने वाले अपडेट पर निर्भर करता है. इसलिए आज से सही आदतें अपनाने के बाद स्कोर में बदलाव आने में कुछ समय लग सकता है.