Buxar School Case: बिहार के बक्सर में नाबालिग छात्रा के कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. सरकार ने दोनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, मामले को दबाने के आरोप में स्कूल के प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया गया है.
Knews Desk- बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव स्थित मध्य विद्यालय नथुनी अहीर में छात्रा से कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने जिलाधिकारी को दोनों आरोपी शिक्षकों की बर्खास्तगी का प्रस्ताव तुरंत भेजने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के निर्देश दिए हैं.
पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक शिक्षक ने उसे सभी विषयों में पास कराने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाया. इसके बाद उसके साथ कथित तौर पर गलत काम किया गया और उसका अश्लील वीडियो बना लिया गया. आरोप है कि वीडियो के जरिए छात्रा को लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा.
पीड़िता ने मार्च 2026 में आठवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था. घटना की जानकारी सामने आने के बाद उसकी मां की शिकायत पर कृष्णाब्रह्म थाने में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया.
एक शिक्षक गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को ब्रह्मपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान उसके द्वारा छात्रा को स्टेशन रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में ले जाने की बात सामने आई. इसके बाद पुलिस ने रेस्टोरेंट पहुंचकर संबंधित कमरे की जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाने के बाद उसे सील कर दिया.
मामले का दूसरा आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. शिक्षा मंत्री ने बक्सर एसपी को फरार शिक्षक की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
HM पर भी गंभीर आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार
इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी की भूमिका भी जांच के घेरे में है. आरोप है कि उन्हें शिक्षकों की गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की.
प्रधानाध्यापक ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया था कि वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की स्कूल की छात्रा नहीं है. हालांकि, पुलिस जांच में इसके विपरीत तथ्य सामने आने के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई. पुलिस ने HM को गिरफ्तार कर लिया है.
राजकीय शिक्षक पुरस्कार पर रोक
शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक को दिए जाने वाले ‘राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026’ पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. इसके साथ ही डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि मामले की जानकारी होने के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
8 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच
पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए पीड़िता के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाला है. CDR की जांच में 8 संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए हैं. अब पुलिस इन नंबरों के इस्तेमाल करने वालों की पहचान और मामले से उनके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है.
जांच एजेंसियां पीड़िता के बयान, मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों और रेस्टोरेंट से जुटाए गए सबूतों को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही हैं. सरकार ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया पर जोर दिया है.