KNEWS DESK- जन्माष्टमी का त्योहार आते ही घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. भक्त व्रत रखते हैं, मंदिर और घरों में झांकियां सजाई जाती हैं और रात 12 बजे कान्हा के जन्म के बाद पूजा-अर्चना की जाती है. इस खास मौके पर बाल गोपाल को उनकी पसंद के अलग-अलग पकवानों का भोग भी लगाया जाता है. पंजीरी भी जन्माष्टमी के भोग में शामिल की जाने वाली लोकप्रिय चीजों में से एक है. इसे घर पर बनाना बेहद आसान है और इसमें इस्तेमाल होने वाले मेवे इसे स्वादिष्ट बनाने के साथ पौष्टिक भी बनाते हैं.

पंजीरी बनाने के लिए सामग्री
घर पर जन्माष्टमी स्पेशल पंजीरी तैयार करने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी.
- मिश्री, देसी खांड या पिसी चीनी- 3/4 कप
- आटा- 3 से 4 कप
- देसी घी- 3 से 4 बड़े चम्मच
- मखाना, काजू, बादाम और कद्दूकस किया हुआ नारियल- 1 कप
- इलायची पाउडर- 1 चुटकी
ऐसे तैयार करें जन्माष्टमी वाली पंजीरी
मेवे भूनें
सबसे पहले एक कढ़ाही में देसी घी डालकर गर्म करें. इसमें कटे हुए मखाने, काजू, बादाम और नारियल डालकर धीमी से मध्यम आंच पर अच्छी तरह भून लें. मेवों में हल्की खुशबू आने और उनका रंग थोड़ा सुनहरा होने पर उन्हें कढ़ाही से निकालकर अलग रख दें.
आटे को अच्छी तरह भूनें
अब उसी कढ़ाही में जरूरत के अनुसार घी डालें और आटा डालकर लगातार चलाते हुए भूनें. आटे को धीमी आंच पर पकाना बेहतर रहेगा, ताकि वह नीचे से जले नहीं. जब आटे का रंग हल्का भूरा और खुशबूदार हो जाए तो समझें कि यह अच्छी तरह भुन चुका है.
चीनी और इलायची मिलाएं
भुने हुए आटे में अब मिश्री, देसी खांड या पिसी चीनी डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद इसमें एक चुटकी इलायची पाउडर डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें.
आखिर में डालें भुने मेवे
अब पहले से भुने हुए मखाने, काजू, बादाम और नारियल को पंजीरी में डालें. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद गैस बंद कर दें. पंजीरी को कुछ देर ठंडा होने दें.
पंजीरी बनाते समय न करें ये गलती
पंजीरी का स्वाद काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आटे को किस तरह भुना गया है. आटे को कच्चा न छोड़ें और न ही बहुत ज्यादा भूनें. ज्यादा देर तक तेज आंच पर पकाने से आटा जल सकता है और पंजीरी का स्वाद खराब हो सकता है. आटे को हल्का भूरा और खुशबूदार होने तक ही भूनना सही रहेगा. इसी तरह चीनी या खांड की मात्रा भी स्वाद के अनुसार रखें. बहुत ज्यादा चीनी डालने से पंजीरी जरूरत से ज्यादा मीठी हो सकती है.
जन्माष्टमी पर ऐसे लगाएं भोग
पंजीरी तैयार होने के बाद इसे भगवान श्रीकृष्ण को भोग में अर्पित किया जा सकता है. जन्मोत्सव के समय पूजा और आरती के बाद प्रसाद के रूप में पंजीरी परिवार के सदस्यों में बांटी जा सकती है. भोग की सामग्री और बनाने की विधि अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है. आप अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार सामग्री में बदलाव कर सकते हैं.