KNews Desk: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में नेतृत्व संकट गहराता जा रहा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में 25 से ज्यादा वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है, जबकि कम से कम 45 अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगाई गई है। ऐसे समय में जब अमेरिकी सेना लगातार युद्ध के दबाव का सामना कर रही है, पेंटागन के भीतर हो रहे बड़े बदलावों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पेंटागन के लिए सबसे बड़ा झटका सोमवार को लगा, जब आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने इस्तीफा दे दिया। ड्रिस्कॉल को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का करीबी और कभी पीट हेगसेथ का संभावित उत्तराधिकारी भी माना जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के नेतृत्व और आधुनिकीकरण को लेकर ड्रिस्कॉल और हेगसेथ के बीच लंबे समय से मतभेद थे। इससे पहले हेगसेथ ने आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को भी पद से हटा दिया था।हेगसेथ के कार्यकाल में लगभग सभी प्रमुख मिलिट्री सर्विस के शीर्ष अधिकारियों में बड़े बदलाव हुए हैं। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, नौसेना के शीर्ष एडमिरल और आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जैसे वरिष्ठ पदों पर भी बदलाव देखने को मिला है। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, हेगसेथ के कार्यकाल में दो दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया है।
वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस साल हेगसेथ ने कम से कम 45 अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगाई है। NBC न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के हफ्तों में एक दर्जन से ज्यादा अश्वेत, हिस्पैनिक और महिला अधिकारियों के प्रमोशन भी रोके गए हैं। इससे पेंटागन में फैसलों को लेकर असंतोष और विवाद और बढ़ गया है।पेंटागन का संकट ऐसे वक्त में सामने आया है जब ईरान के साथ युद्ध अमेरिकी सेना की क्षमताओं की भी परीक्षा ले रहा है। यूरोप, प्रशांत और लैटिन अमेरिका में मौजूद अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने ईरान युद्ध के लिए सैनिकों की तैनाती बढ़ाने को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय तक सैनिकों को एक ही क्षेत्र में तैनात रखने से दूसरे हिस्सों में संभावित खतरों से निपटने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
हथियारों के भंडार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के करीब 25 फीसदी डिस्ट्रॉयर ही तैनाती के लिए तैयार हैं। अमेरिका का प्रशांत क्षेत्र में तैनात एकमात्र समर्पित एयरक्राफ्ट कैरियर भी मध्य पूर्व भेजा गया है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, अमेरिका के करीब 65 फीसदी पैट्रियट इंटरसेप्टर इस्तेमाल हो चुके हैं। इससे NATO सहयोगियों को हथियार उपलब्ध कराने और चीन के साथ संभावित संघर्ष की तैयारी को लेकर भी दबाव बढ़ा है।हालांकि, पेंटागन ने इन दावों को खारिज किया है। प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि जनरलों के बीच असहमति सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने गोपनीय सैन्य आकलनों के सार्वजनिक होने को अपराध और सेना के साथ विश्वासघात बताया। हथियारों की कमी की खबरों पर भी पेंटागन ने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त हथियारों का भंडार मौजूद है।
पेंटागन की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 5 मई के बाद से कोई औपचारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं हुई है। यानी युद्ध के बीच करीब चार महीने से नियमित प्रेस ब्रीफिंग नहीं हुई। इन तमाम विवादों के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हेगसेथ का समर्थन जारी रखा है और कांग्रेस से रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी देने की अपील की है।ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि ईरान युद्ध के बीच पेंटागन में लगातार हो रहे वरिष्ठ अधिकारियों के बदलाव और प्रमोशन पर रोक अमेरिकी सैन्य तैयारियों को कितना प्रभावित करेगी और क्या हेगसेथ अपनी रणनीति पर कायम रहते हुए इस बढ़ते असंतोष को संभाल पाएंगे।