Knews Desk: एशिया के प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड 2026 के विजेताओं का ऐलान हो गया है। इस साल यह सम्मान बांग्लादेश की सामाजिक कार्यकर्ता और फ्रेंडशिप NGO की संस्थापक रूना खान को दिया जाएगा। रूना खान ने बांग्लादेश के उन दूरदराज और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और राहत सेवाएं पहुंचाने का काम किया, जहां सामान्य परिस्थितियों में भी पहुंचना काफी मुश्किल होता है। जरूरतमंद लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए उन्होंने नाव और तैरते अस्पताल जैसे अनोखे तरीकों का इस्तेमाल किया।
रूना खान का जन्म 17 नवंबर 1958 को बांग्लादेश में हुआ था। उन्होंने ढाका और कोलकाता से उच्च शिक्षा हासिल की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने शिक्षिका के तौर पर की थी। इसके अलावा उन्होंने पर्यटन और पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट से जुड़े क्षेत्रों में भी काम किया। हालांकि, समय के साथ उनका ध्यान समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं की ओर बढ़ता गया। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान सामाजिक कार्यों पर केंद्रित कर दिया।साल 2002 में रूना खान ने फ्रेंडशिप NGO की शुरुआत की। बांग्लादेश में नदियों और तटीय इलाकों में आने वाली बाढ़ के कारण कई गांव मुख्य क्षेत्रों से कट जाते हैं। ऐसे इलाकों में अस्पताल, स्कूल और राहत सेवाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती रही है। रूना खान ने इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए ऐसा मॉडल तैयार किया, जिसमें जरूरी सेवाओं को लोगों तक ले जाया जा सके, बजाय इसके कि लोगों को सुविधाओं तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़े।
रूना खान की सबसे चर्चित पहलों में तैरता हुआ अस्पताल शामिल है। उन्होंने एक पुराने जहाज को अस्पताल में बदलकर उसे नदी के रास्ते दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाना शुरू किया। इस तैरते अस्पताल में डॉक्टरों की टीम के साथ ऑपरेशन थिएटर, लैब और जरूरी दवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे उन लोगों को इलाज मिल सका, जिनके लिए सामान्य अस्पताल तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। बाढ़ और नदी कटाव से प्रभावित समुदायों के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।शिक्षा के क्षेत्र में भी रूना खान ने महत्वपूर्ण काम किया। उन्होंने नदी कटाव प्रभावित बच्चों के लिए ऐसे स्कूल तैयार किए, जिन्हें जरूरत पड़ने पर दूसरी जगह ले जाया जा सके। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी रुचि काफी पुरानी है। 1979 में चटगांव में किंडरगार्टन बच्चों को पढ़ाते समय उन्होंने महसूस किया कि शिक्षा में बच्चों को केवल चीजें याद कराने पर ज्यादा जोर दिया जाता है, जबकि उन्हें समझने, सोचने और सवाल पूछने के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। इस अनुभव ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में नए तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया।
बाद में उन्होंने बच्चों के लिए कहानी की किताबें और शैक्षणिक सामग्री लिखीं। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों के लिए कई संसाधन तैयार किए। उनके सामाजिक काम का दायरा महिलाओं और कारीगरों तक भी पहुंचा। फ्रेंडशिप NGO अब स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा शिक्षा, आपदा राहत और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी काम करता है। संगठन हर साल 75 लाख से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक विभिन्न सेवाएं पहुंचाता है।रूना खान को इससे पहले अशोका फैलोशिप, रोलेक्स अवॉर्ड और श्वाब फाउंडेशन जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। अब उन्हें रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार 15 नवंबर को मनीला, फिलीपींस में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। रूना खान का काम इस बात की मिसाल है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अगर सही सोच और मजबूत प्रयास हों, तो स्वास्थ्य, शिक्षा और राहत जैसी बुनियादी सुविधाओं को जरूरतमंद समुदायों तक पहुंचाया जा सकता है।