चीन के सैन्य नियमों में बड़ा बदलाव, अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना भी सेना ले सकेगी एक्शन

चीन ने सैन्य तैनाती से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए प्रावधानों के तहत जरूरत पड़ने पर चीनी सेना को जवाबी कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी लेने की बाध्यता नहीं होगी. युद्ध की स्थिति में सेना को देश के महत्वपूर्ण संसाधनों और नेटवर्क पर नियंत्रण करने के भी व्यापक अधिकार दिए गए हैं.

Knews Desk- चीन ने करीब 16 साल बाद सैन्य तैनाती से जुड़े नियमों में संशोधन किया है. नए नियमों में सेना के अधिकारियों से लेकर राष्ट्रपति और केंद्रीय सैन्य आयोग की भूमिका को स्पष्ट किया गया है. चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, ये नए प्रावधान 1 अक्टूबर से लागू होंगे.

नए सैन्य तैनाती कानून के तहत अगर किसी स्थिति में तत्काल जवाबी कार्रवाई की जरूरत पड़ती है तो सेना को राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार नहीं करना होगा. सैन्य अधिकारी परिस्थितियों के आधार पर अपने स्तर पर कार्रवाई का फैसला ले सकेंगे.

पुराने नियमों के अनुसार सैन्य कार्रवाई की योजना राष्ट्रपति के पास भेजी जाती थी और उनकी मंजूरी के बाद ही जवाबी कदम उठाया जाता था. नए नियमों में इस प्रक्रिया को बदल दिया गया है. कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति और विधायिका को इसकी जानकारी देने का प्रावधान किया गया है. हालांकि, महत्वपूर्ण मामलों में केंद्रीय सैन्य आयोग को भरोसे में लेने की बात कही गई है.

युद्ध के दौरान सोशल मीडिया पर लग सकता है प्रतिबंध

नए कानून में युद्ध के दौरान सूचना और सोशल मीडिया को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गए हैं. सरकार और सेना को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया गया है.

विवादित या फर्जी मानी जाने वाली पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसके साथ ही फेक न्यूज पर रोक लगाने के लिए अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकेगा.

पूरे देश के संसाधनों पर नियंत्रण का अधिकार

नए नियमों के मुताबिक, सैन्य कार्रवाई या युद्ध की स्थिति में सेना को देश के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित करने का अधिकार होगा. इनमें परिवहन, दूरसंचार, सूचना नेटवर्क, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवाएं, खाद्य आपूर्ति और वाणिज्य जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

हालांकि, सैन्य भर्ती की उम्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं युद्ध के दौरान राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय लोगों को सेना में शामिल नहीं किए जाने का भी प्रावधान रखा गया है.

चीन का यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान के साथ उसके तनाव और जापान व फिलीपींस के साथ क्षेत्रीय विवादों को लेकर सुरक्षा चिंताएं लगातार चर्चा में हैं.

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