देहरादून में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, एक दिन में 11 नए मरीज मिले

KNEWS DESK- बारिश के बीच देहरादून जिले में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 इन्फ्लूएंजा संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से 26 सैंपल की जांच की गई, जिनमें 11 लोगों की रिपोर्ट एच1एन1 पॉजिटिव आई। संक्रमित मरीजों में नौ देहरादून के हैं, जबकि दो मरीज अन्य जिलों और राज्य के रहने वाले हैं। राहत की बात यह रही कि शनिवार को नौ मरीज स्वस्थ भी हुए।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून जिले में अब तक एच1एन1 संक्रमण के 78 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 52 मरीज देहरादून के हैं, जबकि 26 मरीज अन्य जिलों से संबंधित हैं। फिलहाल 23 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है। अब तक कुल 50 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं, संक्रमण के बीच पांच मरीजों की मौत भी दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन मरीजों की मौत हुई, उनमें पहले से ही सह-रुग्णता यानी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं मौजूद थीं। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण डेथ ऑडिट पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अस्पतालों में एच1एन1 और फ्लू के मरीजों के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

कोरोना के भी मिले नए मामले

स्वाइन फ्लू के साथ कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आए हैं। शनिवार को कोरोना के 15 सैंपल की जांच की गई, जिनमें दो मरीज संक्रमित पाए गए। दोनों संक्रमित मरीज एम्स ऋषिकेश में भर्ती हैं और दूसरे जिले से संबंधित बताए गए हैं। इसी दिन दो कोरोना मरीज स्वस्थ भी हुए।

जिले में अब तक कोरोना संक्रमण के 20 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें आठ मरीज देहरादून के और 12 अन्य जिलों के हैं। फिलहाल तीन मरीज एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक कोरोना संक्रमण से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

सोमवार से शुरू होगी फ्लू ओपीडी

फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार से अलग फ्लू ओपीडी शुरू की जाएगी। इसके लिए कैंटीन के पास एक अलग कक्ष तैयार किया गया है, ताकि फ्लू के मरीजों को सामान्य ओपीडी से अलग रखा जा सके और दूसरे मरीजों व तीमारदारों में संक्रमण का खतरा कम हो।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट के मुताबिक, फ्लू ओपीडी में एक डॉक्टर और एक इंटर्न की तैनाती होगी। मेडिसिन या कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की पहले ओपीडी में जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनके सैंपल लेकर एच1एन1 की जांच कराई जाएगी।

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