KNews Desk: रक्षाबंधन के त्योहार पर इस बार खरीदारी का अंदाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। पहले जहां लोग राखी, मिठाई और गिफ्ट खरीदने के लिए बाजारों में घंटों समय बिताते थे, वहीं अब ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से लेकर Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे क्विक कॉमर्स ऐप तक, लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में त्योहार से जुड़ी जरूरत का सामान मंगा रहे हैं।तकनीक ने रक्षाबंधन की खरीदारी में सबसे बड़ा बदलाव डिलीवरी के समय को लेकर किया है। पहले ऑनलाइन ऑर्डर के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ता था, लेकिन क्विक कॉमर्स की वजह से अब राखी, मिठाई, रोली-अक्षत की थाली और गिफ्ट हैम्पर जैसी चीजें कुछ ही मिनटों में घर पहुंच रही हैं। इससे लास्ट-मिनट शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है और लोग त्योहार के दिन भी बिना बाजार जाए अपनी खरीदारी पूरी कर पा रहे हैं।
गिफ्टिंग की पसंद में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक कपड़े, पर्स और मिठाई के साथ अब स्मार्टवॉच, वायरलेस ईयरबड्स, पावर बैंक और ब्लूटूथ स्पीकर जैसे टेक प्रोडक्ट युवाओं की पसंद बन रहे हैं। पर्सनलाइज्ड फोटो फ्रेम, नाम वाली एक्सेसरीज और कस्टमाइज्ड गिफ्ट सेट भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यानी रक्षाबंधन पर गिफ्ट अब सिर्फ भावनाओं का प्रतीक नहीं, बल्कि उपयोगी और आधुनिक जरूरतों से भी जुड़ गया है।पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता का असर भी राखी के बाजार पर दिखाई दे रहा है। इस बार इको-फ्रेंडली और सीड राखियों की मांग बढ़ी है। इन राखियों में बीज लगाए जाते हैं, जिन्हें त्योहार के बाद मिट्टी में बोया जा सकता है। वहीं पारंपरिक मिठाइयों के अलावा गॉरमेट चॉकलेट, प्रीमियम ड्राई-फ्रूट हैम्पर और ऑर्गेनिक स्नैक्स जैसे विकल्प भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
शगुन देने के तरीके में भी डिजिटल बदलाव आया है। लोग कैश के साथ-साथ सिल्वर कॉइंस, सिल्वर ज्वेलरी और डिजिटल गिफ्ट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। फैशन, ब्यूटी और इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड के गिफ्ट वाउचर WhatsApp या ईमेल के जरिए तुरंत भेजे जा सकते हैं। इससे दूर रहने वाले भाई-बहनों के लिए भी गिफ्ट भेजना आसान हो गया है।ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स के अलावा एआई और पर्सनलाइजेशन ने भी गिफ्टिंग मार्केट को नया रूप दिया है। ग्राहक अब अपनी पसंद के मुताबिक नाम, फोटो और मैसेज वाले गिफ्ट ऑर्डर कर सकते हैं। इससे सामान्य गिफ्ट की जगह व्यक्तिगत भावनाओं से जुड़े प्रोडक्ट की मांग बढ़ रही है।
रक्षाबंधन के मौके पर कारोबार को लेकर भी बड़ा अनुमान सामने आया है। कैट के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, इस साल देशभर में करीब 30 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। इसमें राखी, मिठाई, कपड़े, गिफ्ट, ड्राई फ्रूट्स, इलेक्ट्रॉनिक सामान, पूजा सामग्री और सजावटी वस्तुओं की बिक्री शामिल है।कुल मिलाकर, रक्षाबंधन का बाजार अब पारंपरिक दुकानों से निकलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुका है। ई-कॉमर्स ने जहां प्लान्ड शॉपिंग को आसान बनाया है, वहीं क्विक कॉमर्स ने इंस्टेंट खरीदारी का नया ट्रेंड शुरू कर दिया है। आने वाले समय में त्योहारों की खरीदारी में तकनीक और पर्सनलाइजेशन की भूमिका और ज्यादा बढ़ सकती है।