KNEWS DESK – कर्नाटक के यादगीर जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन में शामिल होने के आरोप में दो सरकारी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों का राजनीतिक गतिविधियों या राजनीति से जुड़े संगठनों के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना सेवा नियमों के खिलाफ है।
दोनों शिक्षकों को जांच पूरी होने तक निलंबित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, लेकिन बिना अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
किन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई?
जिन दो शिक्षकों को निलंबित किया गया है, उनमें गुरुराज जोशी और अन्ना साहेब देशमुख शामिल हैं। गुरुराज जोशी हुनसगी के सरकारी कन्या उच्च विद्यालय में सहायक शिक्षक हैं, जबकि अन्ना साहेब देशमुख सुरपुर तालुक के कुप्पी गांव स्थित सरकारी निम्न प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।
यादगीर के उप-निदेशक चन्नाबसप्पा मुधोल की ओर से दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया गया।
अखबार में छपी थी तस्वीर
विभाग के मुताबिक, गुरुराज जोशी ने 12 अक्टूबर 2025 को विजयपुरा जिले के तालिकोटी में आयोजित RSS के पथ संचलन में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में उनकी तस्वीर एक अखबार में प्रकाशित हुई थी। इसके बाद आंबेडकर स्वाभिमानी सेना के जिला अध्यक्ष की ओर से शिकायत की गई।
शिकायत के आधार पर शिक्षा विभाग ने जोशी को मार्च 2026 में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
नोटिस के जवाब में गुरुराज जोशी ने कहा था कि जिस कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया, वह रविवार को आयोजित हुआ था और उनके काम के समय के बाद था। उन्होंने इसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बताते हुए अपनी भागीदारी को उचित ठहराया था।
हालांकि, विभाग ने उनका जवाब स्वीकार नहीं किया और इसे सेवा नियमों का उल्लंघन माना।
क्या कहते हैं सरकारी सेवा नियम?
निलंबन आदेश में कर्नाटक सिविल सर्विस के नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी राजनीतिक दलों या राजनीति से जुड़े संगठनों के सदस्य नहीं बन सकते। इसके अलावा उन्हें ऐसे संगठनों की गतिविधियों में शामिल होने और राजनीतिक आंदोलनों में हिस्सा लेने से भी रोकने वाले प्रावधानों का पालन करना होता है।
विभाग ने कहा कि शिक्षकों से समाज और शिक्षा विभाग के लिए रोल मॉडल की भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में उनकी गतिविधियों को सेवा नियमों के अनुरूप होना जरूरी है।
फिलहाल दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है और जांच पूरी होने तक उनका निलंबन प्रभावी रहेगा।