नेपाल में जल प्रलय से तबाही, 162 शव मिले… 750 से ज्यादा लोग अब भी लापता

Knews Desk– नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा के पास मध्य नेपाल के कई इलाकों में पानी और मलबे के तेज बहाव ने घरों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 162 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 750 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सबसे ज्यादा नुकसान रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी के आसपास हुआ है। अचानक बढ़े नदी के जलस्तर और तेज बहाव के कारण कई इमारतें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। कई स्थानों पर पुल बह जाने से लोगों का संपर्क प्रभावित क्षेत्रों से टूट गया है। सड़कें मलबे में तब्दील हो गई हैं, जिससे बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।नेपाल टूरिस्ट बोर्ड के अनुसार, इस आपदा में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी लापता हैं। इनमें भारत के 100 से अधिक नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका के 54, ऑस्ट्रेलिया के 34 और इंग्लैंड के 33 नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल के भी 100 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है। लापता लोगों में एनआरआई और मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय यात्रियों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है।

भारत के कई राज्यों के लोग इस आपदा से प्रभावित बताए जा रहे हैं। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों के लापता होने या प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। भारतीय अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।नेपाल की सेना और पुलिस राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। इस आपदा में नेपाल के कई पुलिसकर्मियों और सेना के जवानों के भी लापता होने की सूचना है। बिजली विभाग के कर्मचारी भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। इसके अलावा कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

बाढ़ का असर नेपाल तक सीमित नहीं रहा। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी भारी नुकसान की खबर है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत में तीन लोगों की मौत हुई है और 265 लोग लापता बताए गए हैं। सामने आए CCTV फुटेज में पानी और कीचड़ का तेज बहाव सीमा क्षेत्र की इमारतों से टकराता दिखाई दे रहा है।शुरुआत में नेपाली अधिकारियों को आशंका थी कि बाढ़ से पहले इलाके में भूकंप आया होगा। हालांकि, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप जैसी ऊर्जा वास्तव में भूस्खलन की वजह से पैदा हुई हो सकती है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत कर आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताई और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। फिलहाल नेपाल में खोज और बचाव अभियान जारी है और आने वाले समय में नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

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