क्या ठंडा पानी सच में बढ़ाता है जुकाम का खतरा? जानें एक्सपर्ट की राय

KNEWS DESK- बारिश और बदलते मौसम के साथ घरों में ठंडा पानी पीने को लेकर कई तरह की धारणाएं सुनने को मिलती हैं। अक्सर कहा जाता है कि फ्रिज का पानी पीने से जुकाम हो सकता है, इसलिए मानसून में लोग ठंडा पानी पीने से बचते हैं। खासतौर पर बच्चों को लेकर माता-पिता इस बात को लेकर ज्यादा सतर्क रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ठंडा पानी जुकाम की वजह बनता है?

इसका सीधा जवाब है—सिर्फ ठंडा पानी पीने से सामान्य जुकाम नहीं होता। सामान्य सर्दी-जुकाम मुख्य रूप से वायरस के संक्रमण से होता है। राइनोवायरस इसके प्रमुख कारणों में शामिल है। वायरस संक्रमित व्यक्ति की छींक, खांसी, नजदीकी संपर्क या दूषित सतहों के संपर्क के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से शरीर में पहुंच सकता है।

जुकाम आखिर क्यों होता है?

सामान्य जुकाम ऊपरी श्वसन तंत्र का वायरल संक्रमण है। इसके कारण नाक बहना, छींक आना, गले में खराश, खांसी और नाक बंद होने जैसे लक्षण हो सकते हैं। जुकाम के लिए कई तरह के वायरस जिम्मेदार हो सकते हैं और राइनोवायरस सबसे आम कारणों में से एक है। संक्रमण का जोखिम संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, भीड़भाड़ वाली जगहों और हाथों के जरिए वायरस के शरीर तक पहुंचने से बढ़ सकता है।

क्या ठंडा पानी पीने से जुकाम हो सकता है?

ठंडे पानी को जुकाम का सीधा कारण मानना सही नहीं है। अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति ठंडा पानी पीता है, तो केवल पानी के तापमान की वजह से उसके शरीर में जुकाम का वायरस पैदा नहीं होता। हालांकि, कुछ लोगों को बहुत ठंडा पानी पीने से गले में असहजता या खराश महसूस हो सकती है। अगर पहले से गले में संक्रमण या संवेदनशीलता है, तो ठंडी चीजें परेशानी बढ़ा सकती हैं। इसलिए किसी व्यक्ति को ठंडा पानी पीने के बाद गले में दिक्कत महसूस होती है, तो वह अपनी सुविधा के अनुसार सामान्य या हल्का गर्म पानी ले सकता है।

फिर मौसम बदलते ही जुकाम क्यों बढ़ जाता है?

मौसम बदलने के दौरान लोगों की दिनचर्या और एक-दूसरे के संपर्क का तरीका बदल सकता है। इसके अलावा कुछ मौसमों में लोग बंद या भीड़भाड़ वाली जगहों पर अधिक समय बिताते हैं, जिससे श्वसन वायरस के संपर्क में आने की संभावना बढ़ सकती है। बच्चों में भी जुकाम ज्यादा देखने को मिल सकता है, खासकर स्कूल या डे-केयर जैसे स्थानों पर जहां दूसरे बच्चों के साथ नजदीकी संपर्क रहता है।

जुकाम से बचने के लिए क्या करें?

जुकाम से बचाव के लिए पानी के तापमान से ज्यादा जरूरी संक्रमण से बचने के उपाय हैं। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोना, बिना हाथ साफ किए आंख, नाक और मुंह को न छूना और बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचना मददगार हो सकता है। अगर घर में कोई व्यक्ति सर्दी-जुकाम से परेशान है, तो उसके साथ कप या खाने के बर्तन साझा करने से बचना और खांसते-छींकते समय मुंह ढकना भी संक्रमण फैलने का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।

जुकाम होने पर क्या करें?

अधिकांश सामान्य जुकाम कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इस दौरान पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ लेना मददगार हो सकता है। गले में परेशानी होने पर गर्म तरल पदार्थ भी राहत दे सकते हैं।

अगर जुकाम के साथ सांस लेने में परेशानी हो, लक्षण लगातार बिगड़ रहे हों या लंबे समय तक ठीक न हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण गंभीर होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

ठंडा पानी पीना अपने आप में जुकाम का कारण नहीं है। जुकाम का मुख्य कारण वायरल संक्रमण है। इसलिए केवल पानी के तापमान से डरने के बजाय साफ-सफाई, हाथों की स्वच्छता और संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी जैसे उपायों पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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