H1N1 का बढ़ता खतरा! दिल्ली-NCR से केरल तक बढ़े फ्लू के केस, ICU में भर्ती राजस्थान के मंत्री

देश के कई हिस्सों में H1N1 और इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आने के बाद ICU में भर्ती हैं. डॉक्टरों ने लोगों को बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसे लक्षणों को हल्के में न लेने की सलाह दी है.

Knews Desk- देश के कई राज्यों में इन दिनों खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. इसी बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी H1N1 संक्रमित पाए जाने के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती हैं. मंगलवार देर रात उनकी हालत को देखते हुए उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया.

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मंत्री का इलाज स्वाइन फ्लू के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है. डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और जरूरी जांच भी की जा रही हैं. संक्रमण को देखते हुए उन्हें फिलहाल लोगों और परिवार के सदस्यों से मिलने से बचने की सलाह दी गई है.

H1N1 और मौसमी फ्लू के मामलों में दिल्ली-NCR में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. दिल्ली में इस साल फ्लू के मामलों की संख्या 2300 के पार बताई जा रही है. पिछले साल इसी अवधि में करीब 229 मामले सामने आए थे, यानी इस बार संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है. नोएडा में भी 100 से ज्यादा मामले सामने आने की जानकारी है.

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादातर मरीजों में संक्रमण हल्का है, लेकिन बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

केरल और कर्नाटक में भी बड़ी संख्या में केस

केरल में इस साल इन्फ्लूएंजा के 7400 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं कर्नाटक में जनवरी से अब तक 4000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. राहत की बात यह है कि कर्नाटक में ज्यादातर मरीज ठीक हो चुके हैं और सक्रिय मामलों की संख्या काफी कम बताई जा रही है.

महाराष्ट्र में भी 300 से ज्यादा मामले सामने आने की जानकारी है. इसके अलावा उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी फ्लू के संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है.

ICMR ने क्या बताया?

ICMR के अनुसार, देश में H1N1 के मामलों में कुछ समय पहले तेजी आई थी, लेकिन अब संक्रमण की रफ्तार में धीरे-धीरे कमी देखने को मिल रही है. दिल्ली में भी पिछले चार से पांच सप्ताह के दौरान मामले ज्यादा रहे, जबकि पिछले करीब दो सप्ताह में गिरावट के संकेत मिले हैं. हालांकि, इस सप्ताह के आंकड़ों का अभी इंतजार है.

H1N1 संक्रमण होने पर बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द या खराश, नाक बहना और शरीर में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है. ऐसे लक्षण नजर आने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

सरकार की एडवाइजरी में क्या कहा गया?

फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने को कहा गया है.

इसके अलावा खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकने, साबुन-पानी से हाथों को नियमित रूप से साफ करने और सार्वजनिक जगहों पर थूकने से बचने की सलाह दी गई है. सांस संबंधी संक्रमण से पीड़ित लोगों से दूरी बनाए रखने के साथ-साथ आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने पर भी जोर दिया गया है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है. खासकर हाई रिस्क ग्रुप के लोगों को लक्षण दिखने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.

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