Knews Desk: बिहार के मोतिहारी में नवजात बच्चे की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के कुबरा पकड़िया टोला में एक दंपत्ति पर अपने नवजात बच्चे को पैसों के लिए बेचने का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले में बच्चे के माता-पिता, एक आशा कर्मी, एक दलाल और खरीदार महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नवजात को सुरक्षित बरामद कर बाल संरक्षण इकाई को सौंप दिया है।
पुलिस के मुताबिक, प्रमोद सहनी और उसकी पत्नी इंदु देवी के पहले से छह बच्चे हैं। 8 अगस्त को उनके सातवें बच्चे का जन्म हुआ था। आरोप है कि बच्चे के जन्म के अगले ही दिन उसकी खरीद-फरोख्त की योजना बनाई गई। इसके लिए घोड़ासहन की रहने वाली आशा कर्मी शोभा सिंह ने कथित तौर पर बिचौलिये की भूमिका निभाई और बच्चे को एक महिला के हाथों बेचने में मदद की।
पुलिस जांच में सामने आया कि नवजात की कीमत करीब 4.5 लाख रुपये तय की गई थी। सौदे के तहत बच्चे के माता-पिता को 1.60 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि करीब 10 हजार रुपये की रकम को लेकर विवाद हो गया। 23 अगस्त को सदर अस्पताल के सामने इसी भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान पुलिस को नवजात की खरीद-फरोख्त की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में लेन-देन से जुड़े करीब डेढ़ लाख रुपये भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवजात के पिता प्रमोद सहनी, मां इंदु देवी, आशा कर्मी शोभा सिंह, कथित दलाल तान्या खातून और खरीदार चिंता देवी के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और क्या आरोपियों ने इससे पहले भी किसी नवजात की खरीद-फरोख्त कराई है। खास तौर पर पुलिस आशा कर्मी की भूमिका की भी जांच कर रही है कि कहीं वह पहले से इस तरह के किसी नेटवर्क से जुड़ी तो नहीं थी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और जुवेनाइल जस्टिस से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, नवजात को फिलहाल सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है और उसकी उचित देखभाल की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।