Knews Desk: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों से संवाद कर रहे हैं। इस अभियान के तहत पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। महाराष्ट्र के पुणे में 22 अगस्त को कार्यक्रम के चौथे चरण के आयोजन के बाद अब नागपुर में अगले कार्यक्रम की तैयारी की चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र कांग्रेस ने राहुल गांधी से नागपुर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया है। हालांकि, अभी कार्यक्रम की तारीख तय नहीं हुई है। आयोजन को लेकर जल्द ही स्थानीय कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक होने की संभावना है।
पुणे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से शिक्षा, महिलाओं की स्वतंत्रता और आदिवासी विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की थी। कांग्रेस का दावा है कि पुणे का कार्यक्रम काफी सफल रहा और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र में छात्र संवाद के लिए पुणे के अलावा नागपुर और लातूर को भी चुना गया है। पुणे में कार्यक्रम हो चुका है, जबकि नागपुर और लातूर में आयोजन की तारीख का इंतजार है।
नागपुर को लेकर इस कार्यक्रम की राजनीतिक अहमियत भी काफी ज्यादा मानी जा रही है। नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के कारण संघ का गढ़ माना जाता है। ऐसे में अगर राहुल गांधी यहां ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम करते हैं तो उनके निशाने पर बीजेपी और RSS भी आ सकते हैं।
पुणे में राहुल गांधी पहले ही मनुस्मृति के संदर्भ में बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साध चुके हैं। ऐसे में नागपुर में कार्यक्रम होने पर कांग्रेस इसे छात्र मुद्दों के साथ-साथ वैचारिक और राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाने के मंच के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकती है।
हालांकि, फिलहाल राहुल गांधी के कार्यालय की ओर से नागपुर में कार्यक्रम की तारीख को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या राहुल गांधी संघ के गढ़ नागपुर पहुंचकर छात्रों के बीच अपनी अगली सियासी हुंकार भरेंगे।