KNEWS DESK- कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुणे में विरोध प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के समर्थन में उनके साथ बैठने की पेशकश की है। शनिवार को कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने आदिवासी छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को राहुल गांधी के सामने रखा। इस पर राहुल गांधी ने कहा, “मुझे वहां बुलाओ, मैं आऊंगा और तुम्हारे साथ बैठूंगा।”
छात्रा ने बताया कि पुणे के मंजरी इलाके में आदिवासी छात्र पिछले 10 दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शन में दो छात्राएं भी शामिल हैं। इनमें से एक की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। छात्रा ने कहा कि आदिवासी छात्रों के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार और अधिकारियों का ध्यान खींचने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बताया गया कि मामला मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में आता है।
छात्रा ने सरकारी आदिवासी हॉस्टलों में रहने की उम्र सीमा बढ़ाने की मांग भी उठाई। उसने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में छात्रों को कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है और हॉस्टल में रहने की उम्र सीमा बढ़ाकर 35 साल की जानी चाहिए। छात्रा ने आदिवासी आश्रम स्कूलों की स्थिति पर भी चिंता जताई।
उन्होंने आश्रम स्कूलों में लागू सेंट्रलाइज्ड किचन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही जगह खाना तैयार कर दूर-दराज के स्कूलों तक पहुंचाया जाता है। छात्रा ने गढ़चिरौली की हालिया घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सोते समय सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने मृतक छात्राओं के परिवारों को कम से कम एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।
मंजरी में चल रही भूख हड़ताल का जिक्र होने पर राहुल गांधी ने छात्रों के बीच आने और उनके साथ बैठने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि वे छात्रों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।