वंदे मातरम् के गायन को लेकर कांग्रेस के फैसले पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने कांग्रेस के रुख को निंदनीय बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के लिए राजनीतिक हित देश, संविधान और संसद से ऊपर हो गए हैं।
Knews Desk- देश में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर एक बार फिर सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस की ओर से अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो छंदों के गायन पर कायम रहने के फैसले के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी ने कांग्रेस के इस रुख को न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण बताया, बल्कि पार्टी की देशभक्ति पर भी सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस ने बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में स्पष्ट किया कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो छंदों का ही इस्तेमाल करेगी। पार्टी का कहना है कि वह 1937 में लिए गए अपने पुराने फैसले के अनुरूप ही आगे बढ़ेगी। कांग्रेस के इस निर्णय के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
बीजेपी ने बताया निंदनीय फैसला
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस की ओर से पारित प्रस्ताव निंदनीय है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से कांग्रेस की देशभक्ति को लेकर सवाल उठते हैं।
बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि कांग्रेस लंबे समय से खुद को स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख और सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में पेश करती रही है। लेकिन वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय पर पार्टी का मौजूदा रुख उसके पुराने दावों पर सवाल खड़े करता है।
‘कांग्रेस के लिए पार्टी देश से ऊपर’
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपने राजनीतिक हितों को राष्ट्रीय हित से ऊपर रख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मौजूदा रुख यह संकेत देता है कि उसके लिए पार्टी का निर्णय संविधान, संसद और देश से भी ऊपर है।
बीजेपी ने कांग्रेस के इस रुख को 1937 में वंदे मातरम् को लेकर मुस्लिम लीग के विरोध से जोड़ते हुए भी हमला बोला। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उस समय मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम् को लेकर जिस तरह का रुख अपनाया था, कांग्रेस आज उसी तरह का रवैया अपना रही है। इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस को ‘नई मुस्लिम लीग’ तक करार दिया।
सरकारी कार्यक्रमों में पूरे गीत पर जोर
इस विवाद के बीच सरकार का रुख है कि सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का पूरा गीत गाया जाना चाहिए। वहीं कांग्रेस अपने कार्यक्रमों में केवल शुरुआती दो छंदों के गायन पर जोर दे रही है। इसी मतभेद ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच शुरू हुई यह बहस अब केवल गीत के गायन तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राजनीतिक विचारधारा तक पहुंच गई है। दोनों दल एक-दूसरे पर अपने-अपने राजनीतिक नजरिए को देशहित से जोड़कर हमला कर रहे हैं।