14 राज्यों में एक साथ हुई कार्रवाई के बाद शहजाद भट्टी से जुड़े कथित नेटवर्क की कई परतें सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने 253 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि अलग-अलग मामलों में 200 से अधिक गिरफ्तारियां और 80 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
Knews Desk- स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी ऑपरेटर बने शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। 12 अगस्त को देश के 14 राज्यों में एक साथ ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ अब तक 80 से ज्यादा FIR दर्ज हो चुकी हैं और 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां 62 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 लोगों को पकड़ा गया। इन चार राज्यों से ही 209 लोग हिरासत में लिए गए, जो कुल संख्या का करीब 83 फीसदी है।
जांच में सामने आया कि भट्टी कथित तौर पर इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए युवाओं तक पहुंच बना रहा था। उसके पोस्ट पर लाइक या कमेंट करने वाले युवाओं को पहले छोटे-मोटे काम देकर जोड़ा जाता था। इसके बदले उन्हें करीब 5 हजार से 10 हजार रुपये तक दिए जाने का आरोप है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआत में पोस्टर लगाने जैसे काम करवाने के बाद युवाओं को धीरे-धीरे गंभीर गतिविधियों में शामिल किया जाता था। इनमें पुलिस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, एयरबेस और प्रमुख सड़कों की रेकी करना, CCTV कैमरों की जानकारी जुटाना और वीडियो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाना शामिल था।
कुछ मामलों में युवाओं को ग्रेनेड फेंकने और IED लगाने जैसे खतरनाक कामों के लिए तैयार करने का भी आरोप सामने आया है। पुलिस जांच में ऑनलाइन माध्यम से पेट्रोल बम और IED तैयार करने से जुड़े निर्देश भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
18 से 38 साल तक के युवाओं के नाम सामने आए
12 अगस्त को हिरासत में लिए गए सभी 253 लोगों की उम्र की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की उम्र से पता चलता है कि नेटवर्क में युवाओं की मौजूदगी काफी अधिक थी।
राजस्थान में जून में गिरफ्तार कृष राय की उम्र 20 साल बताई गई थी। उस पर पुलिस स्टेशनों के वीडियो और लोकेशन भट्टी तक पहुंचाने का आरोप है। वहीं जसवंत कुमार उर्फ सोनू और सुनील कुमार उर्फ ढोलू की उम्र 29 साल बताई गई थी।
उत्तराखंड STF ने भी 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप को कथित तौर पर संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली के एक मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों की उम्र 26 से 38 साल के बीच बताई गई। वहीं 18 वर्षीय हरमनदीप सिंह को भी भट्टी से जुड़े मॉड्यूल के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
NIA से लेकर राज्य पुलिस तक ने मिलकर तोड़ा नेटवर्क
इस पूरे ऑपरेशन में किसी एक एजेंसी की भूमिका नहीं थी। NIA, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, ATS, STF और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने कई महीनों तक मिले इनपुट को जोड़कर कार्रवाई की।
NIA ने भट्टी से जुड़े कई मामलों की जांच की है। जून में एजेंसी ने पंजाब और हरियाणा के नौ जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से संबंधित सामग्री बरामद की गई।
जांच में मार्च 2025 में जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर हुए ग्रेनेड हमले, नवंबर 2025 में सिरसा महिला पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट और जनवरी 2026 में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में हुए कार-बम विस्फोट जैसे मामले भी सामने आए हैं।
NIA ने अप्रैल 2026 में जालंधर मामले में भट्टी को फरार आरोपी के तौर पर चार्जशीट किया था। वहीं सिरसा मामले में मई में नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
दिल्ली में हथियार और ड्रग नेटवर्क पर भी कार्रवाई
दिल्ली-NCR में भट्टी नेटवर्क से जुड़े कथित हथियार और ड्रग सप्लाई नेटवर्क की जांच भी की गई। जून में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पांच सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 41 कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक SUV बरामद होने की जानकारी दी गई।
जांच के दौरान मोबाइल फोन से भट्टी और उसके सहयोगियों के साथ कथित चैट और वॉइस नोट भी मिलने की बात सामने आई। एक अन्य मामले में दिल्ली के संवेदनशील इलाकों की रेकी से जुड़े वीडियो भी बरामद किए गए।
राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से हुई बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश ATS, राजस्थान पुलिस, उत्तराखंड STF समेत कई राज्यों की एजेंसियों ने अलग-अलग मॉड्यूल पर कार्रवाई की। 12 अगस्त की कार्रवाई में रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग के जरिए राज्यों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया।
यही वजह रही कि अलग-अलग राज्यों में मिले इनपुट को जोड़कर एक साथ कार्रवाई की जा सकी। हालांकि इस पूरे ऑपरेशन में कितने पुलिसकर्मी और अधिकारी लगाए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया से शुरू होकर आतंकी नेटवर्क तक पहुंची साजिश
शहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच में सबसे अहम बात इसका ऑनलाइन भर्ती मॉडल सामने आना है। आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की पहचान की जाती थी, उन्हें छोटे आर्थिक लाभ देकर भरोसे में लिया जाता था और बाद में रेकी, निगरानी, हथियारों की आवाजाही और हमलों जैसी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था।
जांच में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाए जाने तथा उन्हें दिल्ली-NCR तक भेजने से जुड़े एंगल की भी पड़ताल की जा रही है। 14 राज्यों में हुई कार्रवाई के बाद एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके पूरे ऑपरेशनल ढांचे की जानकारी जुटाने में लगी हैं।