आंखों से बार-बार आता है पानी? इन वजहों को न करें नजरअंदाज, जानें कब जरूरी है डॉक्टर से मिलना

KNEWS DESK- आंखों से आंसू आना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार पानी आता रहे, तो इसके पीछे ड्राई आई, एलर्जी, इंफेक्शन या आंसू की नली में रुकावट जैसी वजहें हो सकती हैं।

आंखों से पानी आना आम बात है। धूल, धुआं, तेज हवा, ठंडी हवा या आंख में कोई छोटा कण जाने पर आंखें खुद को बचाने और साफ करने के लिए ज्यादा आंसू बना सकती हैं। थकान और तेज रोशनी के कारण भी कुछ समय के लिए आंखों से पानी आ सकता है। हालांकि, अगर आंखों से बार-बार या लगातार आंसू आते रहते हैं और इसकी कोई साफ वजह नजर नहीं आती, तो इसे सामान्य मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। कई बार यह आंखों से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है।

ड्राई आई भी हो सकती है वजह

आंखों से ज्यादा पानी आने की एक वजह ड्राई आई भी हो सकती है। सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन जब आंखों में पर्याप्त नमी नहीं रहती, तो जलन और परेशानी के जवाब में आंखें ज्यादा आंसू बनाने लगती हैं। लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी स्क्रीन देखने, कम पलक झपकाने और कुछ वातावरणीय परिस्थितियों में ड्राई आई की समस्या बढ़ सकती है।

एलर्जी और इंफेक्शन से भी आ सकते हैं आंसू

धूल, परागकण, धुआं या किसी अन्य चीज से एलर्जी होने पर आंखों में खुजली, लालिमा और पानी आने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा आंखों में इंफेक्शन होने पर भी आंसू बढ़ सकते हैं। कुछ मामलों में पानी के साथ आंखों में चिपचिपा या असामान्य डिस्चार्ज भी दिखाई दे सकता है।

आंसू की नली में रुकावट भी एक कारण

आंखों से बनने वाले आंसू सामान्य तौर पर छोटी नलियों के जरिए बाहर निकलते हैं। अगर यह रास्ता किसी कारण से संकरा या बंद हो जाए, तो आंसू ठीक तरह से ड्रेन नहीं हो पाते और आंखों से बाहर बहने लगते हैं। इसके अलावा पलकों की स्थिति में बदलाव, पलक का अंदर या बाहर की ओर मुड़ना या पलकों का कोई बाल आंख की सतह को लगातार छूना भी पानी आने की वजह बन सकता है।

चोट या कुछ दवाओं के कारण भी हो सकती है समस्या

आंख में चोट लगने के बाद लगातार पानी आना भी ध्यान देने वाली बात है। कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट या कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट के दौरान होने वाले बदलावों के कारण भी आंखों में पानी बढ़ सकता है।

कब आंखों के डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर आंखों से पानी आने की समस्या बार-बार हो रही है या कई दिनों तक बनी हुई है, तो आंखों के विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है। खासतौर पर इन लक्षणों के साथ पानी आने पर डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें—आंखों में तेज दर्द, आंखों का बहुत ज्यादा लाल होना, आंखों के आसपास सूजन, धुंधला दिखाई देना, रोशनी देखने में परेशानी या आंखों में ज्यादा संवेदनशीलता, आंख में चोट लगने के बाद लगातार पानी आना, आंख से ज्यादा चिपचिपा या असामान्य पदार्थ निकलना,आंख खोलने में परेशानी होना।

बिना सलाह के आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें

बार-बार आंखों से पानी आने पर अपनी मर्जी से कोई भी आई ड्रॉप या दवा इस्तेमाल करने से बचें। समस्या लगातार बनी रहने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ कारण की जांच करके सही उपचार की सलाह दे सकते हैं।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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