गलतियां पकड़ने में दो महीने क्यों लगे? UGC-NET दोबारा होने पर कांग्रेस ने NTA को घेरा

KNEWS DESK- UGC-NET जून 2026 की परीक्षा के तीन विषयों के प्रश्नपत्र रद्द किए जाने और दोबारा परीक्षा कराने के फैसले पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को घेरा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि परीक्षा के करीब दो महीने बाद प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी का पता क्यों चला और इसकी कीमत छात्रों को क्यों चुकानी पड़ रही है।

NTA ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाज शास्त्र के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियां मिलने के बाद इन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। इन विषयों की परीक्षाएं जून में आयोजित की गई थीं। अब अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर, जबकि समाज शास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी।

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NTA पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जून में UGC-NET की परीक्षाएं आयोजित होने के लगभग दो महीने बाद तीन विषयों की परीक्षा रद्द कर दी गई। राहुल गांधी के मुताबिक, NTA ने गलत पेपर सेट किए और पहले पूछे जा चुके सवालों को दोहराया। उन्होंने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी में वर्षों लगाए, फीस जमा की और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए यात्रा की। अब उन्हें दोबारा वही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि गलती NTA की है, लेकिन उसका नुकसान छात्रों को क्यों उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुए थे और इस सवाल का जवाब NTA क्यों नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही की दिशा में पहला कदम था, आखिरी नहीं। राहुल ने NTA के नेतृत्व की भी जवाबदेही तय करने की मांग की।

जयराम रमेश ने पूछे कई सवाल

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी परीक्षा में हुई देरी और गड़बड़ियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि प्रश्नपत्रों में इतनी गंभीर गलतियां पकड़ने में लगभग दो महीने क्यों लग गए। जयराम रमेश ने कहा कि इस देरी का असर उन छात्रों पर भी पड़ सकता है, जो इस साल विभिन्न विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने पूछा कि अगर छात्रों को समय पर प्रवेश नहीं मिल पाता है तो उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

कांग्रेस नेता के अनुसार, NTA की समिति ने प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियां पाईं। इनमें प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखना, किताबों के शीर्षकों में त्रुटियां, प्रश्नों की भाषा में गलतियां और जेंडर से जुड़ी त्रुटियां शामिल हैं। इसके अलावा कई ऐसे सवाल भी पाए गए जो पिछली परीक्षाओं में पूछे जा चुके थे।

‘इतनी गंभीर गलतियों वाला पेपर मंजूर कैसे हुआ?’

कांग्रेस ने कहा कि सवाल केवल परीक्षा दोबारा कराने का नहीं है। असली सवाल यह है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के प्रश्नपत्रों में इतनी गंभीर गलतियां कैसे हुईं और उन्हें मंजूरी किस स्तर पर मिली। जयराम रमेश ने कहा कि UGC-NET जैसी परीक्षा लाखों युवाओं के करियर से जुड़ी है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में लापरवाही की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि NTA की गलती की सजा छात्रों को क्यों भुगतनी पड़े।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 84 अन्य विषयों में परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों के परिणाम में देरी क्यों हो रही है। कांग्रेस ने सरकार से पूरी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।

सितंबर में होगी दोबारा परीक्षा

NTA के शेड्यूल के मुताबिक, UGC-NET के अंग्रेजी और कॉमर्स विषय की परीक्षा 9 सितंबर को होगी। वहीं समाज शास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

अब दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बाद छात्रों के सामने नई तैयारी और परीक्षा कार्यक्रम की चुनौती है। कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा एजेंसी की लापरवाही का असर छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

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