KNEWS DESK- नाग पंचमी के दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ के अलावा कुछ शुभ वस्तुओं को खरीदकर घर लाने की भी धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है. कहा जाता है कि इन चीजों को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सुख-समृद्धि का वास होता है.
सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष नाग पंचमी 17 अगस्त 2026, सोमवार को पड़ रही है. खास बात यह है कि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है. ऐसे में भगवान शिव और नाग देवता की आराधना का महत्व और बढ़ गया है. नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने, शिवलिंग पर जल अर्पित करने और मंत्र जाप करने की परंपरा है. इसके अलावा ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ खास चीजें खरीदकर घर लाना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं वे कौन-सी 4 चीजें हैं.
नाग-नागिन का जोड़ा
नाग पंचमी पर चांदी, तांबे या पीतल से बने नाग-नागिन के जोड़े को खरीदना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे घर के मंदिर में विधि-विधान से स्थापित करके पूजा की जा सकती है. ज्योतिषीय मान्यताओं में नाग-नागिन के जोड़े को राहु-केतु से संबंधित दोषों के निवारण के उपायों से भी जोड़ा जाता है. हालांकि ऐसे उपाय आस्था और परंपरा पर आधारित हैं.
चांदी का सिक्का या आभूषण
नाग पंचमी के दिन चांदी का सिक्का या चांदी का आभूषण खरीदना भी शुभ माना जाता है. ज्योतिष में चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है, जबकि धार्मिक परंपरा में इसे शीतलता और समृद्धि से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि शुभ दिन पर चांदी की वस्तु घर लाने से सकारात्मकता और आर्थिक समृद्धि बनी रहती है.
तांबे का लोटा और रुद्राक्ष
नाग पंचमी के दिन तांबे का लोटा और रुद्राक्ष खरीदना भी शुभ माना जाता है. तांबे के पात्र से भगवान शिव को जल अर्पित करने की परंपरा है, वहीं रुद्राक्ष को भगवान शिव से जुड़ा पवित्र माना जाता है. यदि आप इस दिन पूजा कर रहे हैं तो तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल अर्पित कर सकते हैं और श्रद्धा के अनुसार रुद्राक्ष की पूजा कर सकते हैं.
गंगाजल
नाग पंचमी के शुभ अवसर पर गंगाजल घर लाना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान गंगाजल का इस्तेमाल किया जाता है और कई घरों में इसे पूजा स्थल पर सुरक्षित रखा जाता है. मान्यता के अनुसार गंगाजल को पवित्र माना जाता है और इसका इस्तेमाल धार्मिक अनुष्ठानों में सकारात्मक वातावरण के लिए किया जाता है.
नाग पंचमी पर शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?
नाग पंचमी और सावन सोमवार के संयोग पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध, बेलपत्र, चंदन, शहद और धतूरा अर्पित करने की परंपरा है. भक्त अपनी श्रद्धा और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं. भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करते समय स्वच्छ और साबुत बेलपत्र का प्रयोग करना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही शिव मंत्रों का जाप और नाग देवता का स्मरण भी किया जाता है.
राहु-केतु के लिए क्यों मानी जाती है नाग पूजा खास?
ज्योतिषीय मान्यताओं में नाग और सर्प से जुड़े प्रतीकों का संबंध राहु-केतु से जोड़ा जाता है. इसलिए नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा और उनसे जुड़े धार्मिक उपाय करने की परंपरा कई स्थानों पर प्रचलित है. हालांकि राहु-केतु या कालसर्प दोष से राहत मिलने की बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार नहीं माना जाता.
नाग पंचमी पर रखें इन बातों का ध्यान
नाग पंचमी पर पूजा करते समय श्रद्धा और अहिंसा को महत्व दिया जाता है. जीवित सांपों को दूध पिलाने के बजाय मंदिर या पूजा स्थल पर प्रतीकात्मक रूप से नाग देवता की पूजा करना अधिक सुरक्षित है. पूजा की विधि अपने क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार करना उचित माना जाता है.