KNEWS DESK- झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच राज्य सरकार ने एक बार फिर प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की पहल की है। छात्रों को सोमवार दोपहर 2 बजे रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता के लिए बुलाया गया है। सरकार की ओर से हुई इस पहल के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने बातचीत में शामिल होने पर सहमति जताई है, हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
छात्र संगठन JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के नेतृत्व में यह आंदोलन रांची में 23वें दिन भी जारी है। प्रदर्शन स्थल पर छात्रों से बातचीत के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अपर जिला मजिस्ट्रेट (कानून-व्यवस्था) पहुंचे थे। अधिकारियों ने छात्रों को सरकार के साथ वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इस बार छात्रों को अपने कानूनी सलाहकार के साथ बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि छात्र प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जरूर जाएगा, क्योंकि वे इस विवाद का समाधान बातचीत के जरिए चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलनकारियों की दो प्रमुख मांगें हैं और इन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराई जाए और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किया जाए।
छह दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच इससे पहले छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी ठोस समाधान तक नहीं पहुंचा जा सका। 9 अगस्त को हुई पिछली बैठक भी बेनतीजा रही थी। अब सरकार ने एक बार फिर बातचीत का रास्ता अपनाया है। छात्रों ने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और कानूनी सलाहकार की मौजूदगी में अपनी बात रखने की तैयारी की है।
रविवार को आंदोलन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के पुतले भी फूंके। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान
छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का भी ऐलान किया है। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के मुताबिक, 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। ऐसे में सोमवार को होने वाली सरकार और छात्रों की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजरें स्टेट गेस्ट हाउस में होने वाली इस बैठक के नतीजे पर टिकी हैं।